Muzaffarpur News
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Muzaffarpur/Varanasi 16 August : वाराणसी में करपात्र प्राकट्य महोत्सव की अखिल भारतीय संगोष्ठी में BRABU कुलपति प्रो. दिनेश चन्द्र राय ने समग्र शिक्षा और भारतीयता पर विचार रखे।

BRABU कुलपति प्रो. दिनेश चन्द्र राय ने समग्र शिक्षा और भारतीयता पर विचार रखे

धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज की तपोभूमि श्री धर्मसंघ शिक्षामण्डल, दुर्गाकुण्ड में रविवार को “करपात्र प्राकट्य महोत्सव” के अंतर्गत अखिल भारतीय शास्त्र संगोष्ठी हुई। “समग्र शिक्षा एवं धर्मसम्राट की दृष्टि” विषय पर आयोजित इस संगोष्ठी में बी. आर. अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) के कुलपति प्रो. दिनेश चन्द्र राय मुख्य अतिथि रहे। मंच पर संतों, शिक्षाविदों, कुलपतियों और वैदिक विद्वानों की उपस्थिति रही तथा बड़ी संख्या में शोधार्थी व अध्यापक उपस्थित रहे।

BRABU कुलपति प्रो. दिनेश चन्द्र राय ने समग्र शिक्षा और भारतीयता पर विचार रखे
BRABU कुलपति प्रो. दिनेश चन्द्र राय ने समग्र शिक्षा और भारतीयता पर विचार रखे

मुख्य अतिथि प्रो. राय ने कहा, “धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज की शिक्षा दृष्टि आज की व्यवस्था के लिए जीवंत दिशा निर्देश है। आधुनिक ज्ञान विज्ञान आवश्यक है, परंतु जब तक उसे भारतीय प्रज्ञा, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक जड़ों से न जोड़ा जाए, शिक्षा अधूरी रहेगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने भारतीयता के पुनर्जागरण का द्वार खोला है।”

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उन्होंने शिक्षा के मूल प्रयोजन पर कहा, “शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छी नौकरी पाना नहीं, बल्कि सीखना, जीना और सेवा करना है। हमारे ऋषियों ने कहा है – ‘सा विद्या या विमुक्तये’, अर्थात् वही विद्या है जो मनुष्य को अज्ञान, भय और अहंकार से मुक्त करे।” कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं नई तकनीकों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि ज्ञान बढ़े पर संवेदना घटे तो ऐसी शिक्षा अधूरी है; ज्ञान और संस्कार, विज्ञान और विवेक का समन्वय ही आवश्यक है।

BRABU कुलपति प्रो. दिनेश चन्द्र राय ने समग्र शिक्षा और भारतीयता पर विचार रखे
BRABU कुलपति प्रो. दिनेश चन्द्र राय ने समग्र शिक्षा और भारतीयता पर विचार रखे

काशी की महत्ता बताते हुए प्रो. राय ने कहा, “काशी केवल नगर नहीं, स्वयं एक विश्वविद्यालय है, जो सिखाती है कि आधुनिकता और परंपरा विरोधी नहीं हैं।” प्रो. राय ने कहा कि विश्वविद्यालय की पहचान उसके भवनों से नहीं बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र और शिक्षकों की प्रतिबद्धता से होती है।

उन्होंने अपने संबोधन का समापन इस संकल्प के साथ किया “ज्ञान से प्रगति, संस्कार से शक्ति, चरित्र से नेतृत्व और शिक्षा से राष्ट्र निर्माण”।

आयोजक श्री धर्मसंघ शिक्षामण्डल के ने बताया कि संगोष्ठी का उद्देश्य शिक्षा को सूचना का माध्यम न बनाकर जीवन और संस्कृति से जोड़ना है। संगोष्ठी के उपरांत प्रो. राय ने संत संवाद में भी सहभागिता की और वहां उपस्थित संतों व विद्वानों से सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उन्नयन पर विमर्श किया।

विश्वविद्यालय परिवार ने कुलपति प्रो. राय की इस गरिमामयी सहभागिता पर बधाई दी और इसे शिक्षा संस्कृति समन्वय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

Goltoo

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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