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BRABU VC Prof. Dinesh Chandra Rai को प्रतिष्ठित फेलोशिप अवॉर्ड, डेयरी विज्ञान व MSMEs में योगदान के लिए सम्मानित

March 17, 2026 | by Goltoo

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Muzaffarpur 17 March : बीआर अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति Prof. Dinesh Chandra Rai को ‘फैलोशिप ऑफ द चैंबर फॉर एडवांसमेंट ऑफ स्मॉल एंड मीडियम बिजनेसेस’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। उन्हें डेयरी विज्ञान, खाद्य प्रौद्योगिकी और MSMEs को सशक्त बनाने में तीन दशकों के उत्कृष्ट योगदान के लिए यह सम्मान मिला।

BRABU VCProf. Dinesh Chandra Rai को प्रतिष्ठित फेलोशिप अवॉर्ड

बीआर अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति Prof. Dinesh Chandra Rai को प्रतिष्ठित ‘फैलोशिप ऑफ द चैंबर फॉर एडवांसमेंट ऑफ स्मॉल एंड मीडियम बिजनेसेस’ अवार्ड से नवाजा गया है। प्रो राय को यह अवॉर्ड सांसद और महाभारत में श्रीकृष्ण का दिव्य और अनुपम चरित्र साकार करने वाले, पूर्व सांसद डॉ नीतीश भारद्वाज जी के कर कमलों द्वारा प्रदान किया।

यह सम्मान प्रो. राय को डेयरी विज्ञान और खाद्य प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके तीन दशकों के उत्कृष्ट योगदान, अकादमिक अनुसंधान को उद्योगों से जोड़ने और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को तकनीकी मजबूती प्रदान करने के प्रयासों के लिए दिया गया है। प्रो. राय की यह विशिष्ट उपलब्धि उनके दशकों के गहन शोध और वैश्विक वैज्ञानिक दृष्टिकोण का जीवंत प्रमाण है।

बीआर अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति Prof. Dinesh Chandra Rai को 'फैलोशिप ऑफ द चैंबर फॉर एडवांसमेंट ऑफ स्मॉल एंड मीडियम बिजनेसेस' अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। उन्हें डेयरी विज्ञान, खाद्य प्रौद्योगिकी और MSMEs को सशक्त बनाने में तीन दशकों के उत्कृष्ट योगदान के लिए यह सम्मान मिला।
BRABU VCProf. Dinesh Chandra Rai को प्रतिष्ठित फेलोशिप अवॉर्ड

उनके नाम अब तक 195 से अधिक उच्च-प्रभाव वाले विश्व स्तरीय शोध प्रकाशन दर्ज हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय अकादमिक जगत में अपनी गहरी छाप छोड़ी है। इतना ही नहीं, दुनिया के कई शीर्ष अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में उनके व्यापक एक्सपोजर और वैश्विक शोध नेटवर्क ने उन्हें खाद्य प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक वैश्विक मार्गदर्शक के रूप में स्थापित किया है।

सम्मान स्वीकार करते हुए कुलपति प्रो. राय ने चैंबर के अध्यक्ष डॉ. प्रबोध हल्दे, अध्यक्ष श्री नीलेश लेले और महासचिव डॉ. उमेश कांबले के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि यह नीति छात्रों को ‘जॉब सीकर’ के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ बनाने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, “वर्तमान समय की मांग है कि हम प्रयोगशाला के अनुसंधान को सीधे खेतों और कारखानों तक पहुँचाएं। हमारा लक्ष्य पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास को इस तरह जोड़ना है कि युवा स्वरोजगार की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।”

उन्होंने आगे कहा, “अकादमिक जगत और उद्योग के बीच की दूरी को कम करना अनिवार्य है। जब एक वैज्ञानिक विचार एक सफल बिजनेस मॉडल में बदलता है, तभी सही मायने में राष्ट्र का आर्थिक विकास सुनिश्चित होता है।”

कुलपति प्रो. राय को मिले इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मान पर बीआरएबीयू और बीएचयू के अकादमिक जगत, शिक्षकों, कर्मचारियों और पूर्व छात्र संघ ने प्रसन्नता व्यक्त की है। विश्वविद्यालय परिवार ने इसे संस्थान के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।

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