Hathras 2 July : Hathras Stamped उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक दुखद घटना में भोले बाबा के सत्संग के बाद भगदड़ मच गई, जिसके परिणामस्वरूप 125 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में ज्यादातर महिलाएं हैं और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। यह हादसा मंगलवार को दोपहर करीब 1 बजे हाथरस जिले से 47 किलोमीटर दूर फुलाराई गांव में हुआ।
Hathras Stamped सत्संग के बाद भगदड़
हादसे के बाद अस्पताल घायलों और मृतकों से भर गए। शवों और घायलों को बसों और टेम्पो में भरकर सिकंदराराऊ सीएचसी और एटा जिला अस्पताल ले जाया गया। सीएचसी के बाहर का नजारा भयावह था, लाशें जमीन पर बिखरी पड़ी थीं। जब भास्कर रिपोर्टर ने मृतकों की संख्या के बारे में पूछा, तो डॉक्टर सटीक आंकड़ा नहीं दे पाए। दैनिक भास्कर के रिपोर्टर मनोज माहेश्वरी ने सिकंदराराऊ सीएचसी के बाहर शवों की गिनती की, जिसमें 95 शव मिले।

मंगलवार को 50 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे थे।
Exclusive: हाथरस के सिकंदराराऊ में सत्संग के बाद मची भगदड़ से पहले का Video।#HathrasStampede #HathrasAccident #Video pic.twitter.com/bvDvCa92U2
— Dainik Jagran (@JagranNews) July 2, 2024
एटा के सीएमओ उमेश त्रिपाठी ने बताया कि एटा के जिला अस्पताल में 27 शव आए हैं, जिससे कुल मृतकों की संख्या 122 हो गई है। स्थिति बहुत खराब थी, मृतकों को ओढ़ाने के लिए चादरें कम पड़ गईं और घायल जमीन पर दर्द से तड़प रहे थे।
"107 मौत हुई है, मैंने अपने हाथ से गिना"
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◆ हाथरस मामले में मौके पर मौजूद विनीत नाम के व्यक्ति ने किया बड़ा दावा#Hathras #हाथरस | बड़ी घटना #HathrasAccident #Hathrasstamped pic.twitter.com/FkWyPIY2zS
अधिकांश मृतक हाथरस, बदायूं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के हैं। मंगलवार को 50 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे थे।
दुखद बात यह है कि एटा में ड्यूटी पर तैनात 30 वर्षीय पुलिसकर्मी रजनेश को शवों के ढेर को देखकर दिल का दौरा पड़ गया। उनके सहकर्मी उन्हें डॉक्टर के पास ले गए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।