Muzaffarpur 18 September : LS College के स्नातकोत्तर इतिहास विभाग के द्वारा एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन किया गया। विषय पर मुख्य वक्ता काशी हिंदू विश्वविद्यालय की प्रो अनुराधा सिंह ने कहा कि आदिवासी समाज के लोग न केवल हमारे पूर्वज हैं बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा के वाहक हैं।
LS College एक दिवसीय व्याख्यान
भारतीय ज्ञान परंपरा के वाहक हैं आदिवासी: प्रो अनुराधा
उनके इतिहास लेखन के प्रति हमें सहिष्णु होना पड़ेगा तथा उनके संस्कृति को उचित सम्मान दिए बगैर हम उनके सच्चे इतिहास को कभी उद्घाटित नहीं कर पायेंगे। कॉलेज के प्राचार्य प्रो ओमप्रकाश राय ने कहा कि इतिहास लेखन एक चुनौती भरा कार्य है और इसके लेखन में निष्पक्षता एक अनिवार्य शर्त है। आदिवासी समुदायों का अधिकांश इतिहास मौखिक परंपराओं के माध्यम से संचित हुआ है। इस कारण, उनके इतिहास का दस्तावेजीकरण करना कठिन है।

बहुत से आदिवासी समूहों से जुड़ी जानकारियां और अनुभव कथा -कहानियों के रूप में पीढ़ी दर पीढ़ी चलते आए हैं, जिन्हें लिखित रूप में लाना एक चुनौती है। आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराएँ और उनके इतिहास को समझने के लिए यह आवश्यक है कि हम उनके दृष्टिकोण से उनके इतिहास लेखन को समझें। विषय प्रवेश डॉ राजीव कुमार ने कराया जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो पुष्पा कुमारी ने किया।
Dr Shanti Suman सुप्रसिद्ध कवयित्री शांति सुमन की जन्मजयंती https://t.co/XoRAFOy2qS #shantisuman #Muzaffarpur pic.twitter.com/SNtBK9S208
— RAJESH GOLTOO (@GOLTOO) September 18, 2024
इस अवसर पर डॉ दिलीप कुमार यादव, डॉ संतोष कुमार अनल, धीरेंद्र कुमार सिंह, अनामिका आनंद, डॉ एन एन मिश्रा, डॉ नवीन कुमार सहित अन्य शिक्षक और छात्र मौजूद थे।

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।