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Bihar में PG शिक्षा में बड़ा बदलाव: अब 1 साल और 2 साल के कोर्स का विकल्प, लेकिन चुनौतियां भी बड़ी

May 5, 2026 | by Goltoo

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Patna 5 May : Bihar के विश्वविद्यालयों में अगले सत्र से PG के दो विकल्प—1 वर्ष और 2 वर्ष—लागू होंगे। CGPA के आधार पर कोर्स तय होगा, लेकिन संसाधनों, सीटों और शिक्षकों की कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है।

Bihar में PG शिक्षा में बड़ा बदलाव

Bihar के विश्वविद्यालयों में पोस्ट ग्रेजुएशन यानी PG की पढ़ाई को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अगले शैक्षणिक सत्र से छात्रों को दो तरह के PG कोर्स—एक वर्षीय और दो वर्षीय—का विकल्प मिलेगा। यह बदलाव नई शिक्षा नीति के तहत लागू किया जा रहा है।

नई व्यवस्था के अनुसार, चार वर्षीय स्नातक कोर्स में 7.50 या उससे अधिक CGPA हासिल करने वाले छात्र सिर्फ एक साल में PG पूरा कर सकेंगे। वहीं, इससे कम अंक पाने वाले छात्रों को दो साल का PG कोर्स करना होगा।

हालांकि, इस नए सिस्टम के साथ कई चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। राज्य के कई विश्वविद्यालयों, खासकर बिहार विश्वविद्यालय में पहले से ही कक्षाओं और बुनियादी संसाधनों की कमी है। ऐसे में एक साथ दो तरह के PG कोर्स चलाना आसान नहीं होगा।

Bihar में PG शिक्षा में बड़ा बदलाव
Bihar में PG शिक्षा में बड़ा बदलाव

सीटों की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है। बिहार विश्वविद्यालय में फिलहाल करीब 11 हजार PG सीटें हैं, लेकिन हर साल नामांकन के समय भारी भीड़ उमड़ती है। अब जब दो तरह के कोर्स शुरू होंगे, तो सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है।

शिक्षकों की कमी भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। दो वर्षीय PG कोर्स के लिए ही पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं, ऐसे में दोनों कोर्स को एक साथ संचालित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

इसके अलावा, दो वर्षीय PG कोर्स का सिलेबस अभी तक पूरी तरह तैयार नहीं है, जिससे छात्रों और शिक्षकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन PG में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा कराने की तैयारी कर रहा है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि विश्वविद्यालय इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए अपनी तैयारियां कितनी जल्दी पूरी कर पाते हैं।

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