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दोस्ती, दगा और मौत: Muzaffarpur में घर के सौदे से शुरू हुआ खूनी खेल, दोस्त ही निकले कातिल

May 7, 2026 | by Goltoo

crimenews12

Muzaffarpur 7 May : दोस्ती, दगा और मौत: Muzaffarpur में घर के सौदे से शुरू हुआ खूनी खेल, दोस्त ही निकले कातिल के गोविंदपुर छपरा इलाके में मिली मोहम्मद नौशाद आलम की लाश ने पूरे इलाके को दहला दिया। सड़क किनारे बाइक के पास पड़े शव को देखकर पहले पुलिस भी उलझ गई थी। मामला “ब्लाइंड मर्डर” लग रहा था — न कोई चश्मदीद, न कोई सीधा सुराग। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, इस हत्याकांड की परतें खुलती गईं और सामने आई ऐसी कहानी, जिसने दोस्ती, भरोसे और रिश्तों को शर्मसार कर दिया।

Muzaffarpur में साथ बैठकर खाया-पीया, फिर उतार दिया मौत के घाट

पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ, उसने हर किसी को हैरान कर दिया। जिन लोगों के साथ नौशाद रोज उठता-बैठता था, जिनके साथ खाना-पीना होता था, वही उसके दुश्मन बन चुके थे।

बताया जा रहा है कि हत्या से पहले आरोपी मोहम्मद सिराज, मोहम्मद अशरफ और मोहम्मद शाहाबुद्दीन ने नौशाद के साथ देर रात तक पार्टी की। हंसी-मजाक और दोस्ती के माहौल में नौशाद को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि उसके साथ बैठने वाले लोग उसकी मौत की साजिश पहले ही रच चुके हैं।

पुलिस के मुताबिक, यह कोई अचानक हुआ झगड़ा नहीं था, बल्कि बेहद सुनियोजित हत्या थी।

दोस्ती, दगा और मौत: Muzaffarpur में घर के सौदे से शुरू हुआ खूनी खेल, दोस्त ही निकले कातिल
दोस्ती, दगा और मौत: Muzaffarpur में घर के सौदे से शुरू हुआ खूनी खेल, दोस्त ही निकले कातिल

घर बेचने का सौदा बना खून की वजह

जांच में सामने आया कि नौशाद आलम ने कुछ समय पहले अपना घर आरोपी मोहम्मद सिराज को बेचा था। लेकिन घर की रकम और बिजली कनेक्शन को लेकर दोनों के बीच लगातार विवाद चल रहा था। मामूली दिखने वाला यह झगड़ा धीरे-धीरे दुश्मनी में बदल गया।

लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामला सिर्फ पैसों का नहीं था। जांच के दौरान नौशाद और सिराज की पत्नी के बीच कथित अवैध संबंध की बात भी सामने आई। यही वजह सिराज के अंदर बदले की आग बन गई। आर्थिक विवाद और रिश्तों में बेवफाई का शक — दोनों ने मिलकर इस हत्याकांड को जन्म दिया।

मोबाइल लोकेशन ने खोल दिया राज

जब नौशाद की पत्नी नजमा परवीन ने प्राथमिकी दर्ज कराई, तब हमलावरों का कोई नाम सामने नहीं था। लेकिन मुजफ्फरपुर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। एसएसपी के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई, जिसमें SDPO East-2, पीर थाना पुलिस और जिला खुफिया इकाई को लगाया गया।

फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए और फिर शुरू हुआ मोबाइल डेटा खंगालने का खेल। जांच में आरोपियों और मृतक की लोकेशन एक साथ मिली। कॉल रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।

बिजली के तार से घोंट दी गई थी गर्दन

पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया बिजली का तार भी बरामद कर लिया है। जांच में पता चला कि इसी तार से नौशाद का गला घोंटकर उसकी हत्या की गई थी।

इसके अलावा उस जगह से भी कई सामान मिले हैं, जहां हत्या से पहले सभी ने बैठकर खाना-पीना किया था। यही सबूत पुलिस के लिए सबसे बड़ा हथियार बने।

तीनों आरोपी गिरफ्तार, जल्द होगी चार्जशीट

पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहम्मद सिराज समेत तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। एसएसपी ने साफ संकेत दिए हैं कि मामले में जल्द चार्जशीट दाखिल कर फास्ट ट्रैक ट्रायल की मांग की जाएगी।

भरोसे की कीमत मौत?

Muzaffarpur का यह हत्याकांड सिर्फ एक मर्डर केस नहीं, बल्कि रिश्तों में छिपे विश्वासघात की खौफनाक मिसाल बन गया है। जिस दोस्ती के सहारे नौशाद लोगों पर भरोसा करता रहा, वही भरोसा उसकी मौत की वजह बन गया।

अब इलाके में एक ही सवाल गूंज रहा है — क्या घर का विवाद और रिश्तों का शक इतना बड़ा हो सकता है कि दोस्त ही दोस्त का कातिल बन जाए?

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