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आरडीएस कॉलेज के पूर्व प्राचार्य एवं अंग्रेजी व्याकरण विशेषज्ञ Prof. K.P. Thakur का निधन

June 18, 2026 | by Goltoo

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Muzaffarpur/Mumbai 18 June : आरडीएस कॉलेज के पूर्व प्राचार्य एवं अंग्रेजी व्याकरण विशेषज्ञ Prof. K.P. Thakur का मुंबई में निधन। ‘A Practical Guide to English Grammar’ सहित कई लोकप्रिय पुस्तकों के लेखक थे।

अंग्रेजी व्याकरण विशेषज्ञ Prof. K.P. Thakur का निधन

रामदयालु सिंह (आरडीएस) कॉलेज, मुजफ्फरपुर के पूर्व प्राचार्य एवं अंग्रेजी विभाग के पूर्व अध्यक्ष Prof. K.P. Thakur का आज मुंबई में निधन हो गया। वे पिछले लगभग दस वर्षों से पक्षाघात (पैरालिसिस) की बीमारी से पीड़ित थे।

प्रो. ठाकुर देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों और अंग्रेजी भाषा विशेषज्ञों में गिने जाते थे। वे विशेष रूप से अपनी लोकप्रिय पुस्तकों “A Practical Guide to English Grammar” तथा “A Practical Guide to English Translation and Composition” के लिए जाने जाते थे। उनकी ये पुस्तकें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों विद्यार्थियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय हैं।

उनकी पुस्तकें प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्था भारती भवन द्वारा प्रकाशित की जाती हैं और देशभर के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा व्यापक रूप से उपयोग की जाती हैं। अंग्रेजी व्याकरण और अनुवाद शिक्षण के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय माना जाता है।

आरडीएस कॉलेज के पूर्व प्राचार्य एवं अंग्रेजी व्याकरण विशेषज्ञ Prof. K.P. Thakur
आरडीएस कॉलेज के पूर्व प्राचार्य एवं अंग्रेजी व्याकरण विशेषज्ञ Prof. K.P. Thakur

Prof. K.P. Thakur ने आरडीएस कॉलेज के प्राचार्य और अंग्रेजी विभागाध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाओं से शिक्षा जगत को नई दिशा दी। उनके निधन से शैक्षणिक जगत, पूर्व छात्रों और साहित्य प्रेमियों में शोक की लहर है।

प्रो. के.पी. ठाकुर अंग्रेजी भाषा और व्याकरण शिक्षण के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम थे। उनकी चर्चित पुस्तकों “A Practical Guide to English Grammar” तथा “A Practical Guide to English Translation and Composition” ने लाखों विद्यार्थियों को अंग्रेजी सीखने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मार्गदर्शन दिया। पहली पुस्तक अंग्रेजी व्याकरण के नियमों, वाक्य संरचना और भाषा प्रयोग की विस्तृत जानकारी प्रदान करती है, जबकि दूसरी पुस्तक हिंदी से अंग्रेजी तथा अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद के साथ-साथ रचना कौशल (Composition Skills) विकसित करने पर केंद्रित है। उनकी ये पुस्तकें आज भी विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय हैं।

शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान को सदैव याद किया जाएगा। उनके निधन से बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश के शैक्षणिक समुदाय को अपूरणीय क्षति पहुंची है।

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