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RDS College में 08–09 दिसंबर को वैदिक गणित पर राष्ट्रीय सम्मेलन,छात्रों को भारतीय गणित की परंपरा से जोड़ना मुख्य उद्देश्य

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Muzaffarpur 7 December : RDS College में 08 और 09 दिसंबर को वैदिक गणित पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन होगा। देशभर से विद्वान, शोधार्थी और छात्र शामिल होंगे। प्राचार्य डॉ. शशि भूषण कुमार ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्रों को भारतीय गणित की समृद्ध परंपरा से जोड़ना और गणित के प्रति आत्मविश्वास बढ़ाना है।

RDS College में वैदिक गणित पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला

RDS College के प्राचार्य कक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ शशि भूषण कुमार ने कहा कि रामदयालु सिंह महाविद्यालय के सभागार में वैदिक गणित पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन होने जा रहा है। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य है छात्रों को भारतीय गणित के समृद्ध परंपरा से जोड़ना। इसके जुड़ाव से छात्र जटिल सवालों को आसानी से और जल्दी हल कर सकते हैं। यह कार्यशाला छात्रों में गणित के प्रति आत्मविश्वास बढ़ाने में महती भूमिका निभाएगा।

उन्होंने बताया कि दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में देश भर के विश्वविद्यालयों से वैदिक गणित के विद्वान वक्तागण, शोधार्थी एवं छात्र शिरकत करेंगे।

RDS College में वैदिक गणित पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य संरक्षक माननीय कुलपति डॉ दिनेश चंद्र राय, मुख्य अतिथि के रूप में जे पी विश्वविद्यालय छपरा के कुलपति प्रो पी के बाजपेई, उच्च शिक्षा निदेशक, बिहार सरकार, डॉ एनके अग्रवाल और विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व कुलपति, नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से प्रो के सी सिन्हा अपने सारगर्भित संबोधन प्रस्तुत करेंगे।

तकनीकी और शैक्षणिक सत्र में विशेषज्ञ वक्ता गणों में डॉ राकेश भाटिया-राष्ट्रीय सहसंयोजक वैदिक गणित शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली, प्रो विमल कुमार मिश्र-विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग, वैदिक अध्ययन विभाग डॉ हरिसिंह विश्वविद्यालय सागर से सहायक प्राध्यापक डॉ शिवानी खरे और डॉ आयुष गुप्ता शिरकत करेंगे।

सेमिनार के संयोजक डॉ भगवान कुमार ने बताया कि वैदिक गणित दुनिया के लिए भारत का एक बहुमूल्य उपहार है। बीआर अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय में पहली बार दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन गणित के ऐतिहासिक परंपरा को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

सह-संयोजक डॉ आलोक त्रिपाठी ने बताया कि आधुनिक शिक्षा प्रणालियों में वैदिक गणित की भूमिका महत्वपूर्ण होने वाली है। वर्तमान में जहां नवीन विधियां लोकप्रिय हो रही है, वैदिक गणित एक प्रभावी साधन बनता जा रहा है। वैदिक गणित पर आयोजित होने वाली यह कार्यशाला शैक्षणिक जगत में मील का पत्थर साबित होगी।

मौके पर आइक्यूएसी के समन्वयक डॉ रजनीकांत पांडे, एनएसएस के समन्वयक डॉ सौरभ राज, कॉलेज मीडिया प्रभारी डॉ ललित किशोर मौजूद थे।

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