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RDS College “प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व अध्ययन के उपरांत रोजगार के विकल्प – एक संवाद”

SKJ Law College
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Muzaffarpur 20 August : RDS College प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग में आयोजित “प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व अध्ययन के उपरांत रोजगार के विकल्प – एक संवाद” विषय पर आयोजित एक वार्ता में पटना विश्वविद्यालय प्राचीन भारतीय इतिहास की वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ बदर आरा ने कहा कि प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व ऐतिहासिक खोज की वह शाखा है जो विशुद्ध रूप से वैज्ञानिक है।

RDS College प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग

RDS College प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग
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प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व में करियर की असीम संभावनाएं हैं: डॉ बदर आरा

इसमें अतीत से लेकर वर्तमान तक निरंतर वैज्ञानिक आधार पर संवाद स्थापित किया जाता है। इसे समझने के लिए बेहतर वैज्ञानिक दृष्टिकोण चाहिए। प्राचीन इतिहास को पढ़ना अर्थात मानव जाति को पढ़ना है। प्राचीन भारतीय इतिहास के छात्रों के लिए वर्तमान समय में नौकरी के बेहतर विकल्प मौजूद हैं।

RDS College प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग
RDS College प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग

आर्कियोलॉजी एक बेहतर विकल्प के रूप में हो सकता है। इसके तहत खुदाई, इमारतों, आर्ट एंड क्राफ्ट्स, प्राकृतिक चीजों के संरक्षण एवं प्रबंधन के क्षेत्र में अवसर उपलब्ध हैं। भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद, इंडियन आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज, राष्ट्रीय अभिलेखागार में छात्रों को अच्छे अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

RDS College प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग
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इसके अलावा पुरातत्व प्रशिक्षक, ऑनलाइन सर्च विशेषज्ञ, पुरातत्व विज्ञान प्रयोगशाला सहायक, पुरातत्व विज्ञान निदेशक, कॉन्ट्रैक्ट आर्कियोलॉजिस्ट, हेरिटेज कंजर्वेटर, रिसर्च अस्सिटेंट, क्यूरेटर इन म्यूजियम, हेरिटेज मैनेजर, कल्चरल रिसोर्स स्पेशलिस्ट, प्राध्यापक आदि पदों पर राज्य सरकार, केंद्र सरकार एवं विश्वविद्यालयों में नौकरी के बेहतर विकल्प मौजूद हैं।


मौके पर इतिहास व प्राचीन इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ एम एन रजवी, डॉ अजमत अली, डॉ ललित किशोर, डॉ मनीष कुमार शर्मा, सहायक विनय तिवारी एवं प्राचीन भारतीय इतिहास के स्नातक एवं स्नातकोत्तर के छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

मंच संचालन एवं स्वागत डॉ एम एन रजवी ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ ललित किशोर ने किया।