Muzaffarpur 16 February : मुजफ्फरपुर के रामदयालु सिंह कॉलेज में दैनिक जागरण व IQAC के संयुक्त तत्वावधान में “एंटीबायोटिक से लापरवाही : सही दवा, पूरी दवा” विषय पर कार्यशाला आयोजित हुई। प्राचार्य प्रो. शशि भूषण कुमार व मुख्य अतिथि डॉ. सी.के. दास ने एंटीबायोटिक के सही उपयोग, पूरी डोज लेने और एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस से बचाव पर जागरूक किया।
RDS College : “एंटीबायोटिक से लापरवाही” पर जागरूकता कार्यशाला
RDS College, मुजफ्फरपुर में दैनिक जागरण एवं आईक्यूएसी (IQAC) के संयुक्त तत्वावधान में “एंटीबायोटिक से लापरवाही : सही दवा, पूरी दवा” विषय पर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. शशि भूषण कुमार ने की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य प्रो. शशि भूषण कुमार ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि एंटीबायोटिक दवाओं का गलत और अधूरा सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है, इसलिए इसके प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. सी.के. दास, सदर अस्पताल मुजफ्फरपुर ने अपने संबोधन में कहा कि आज बड़ी संख्या में लोग बुखार या सामान्य बीमारी होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के सीधे दवा दुकानदार से एंटीबायोटिक ले लेते हैं। उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि कौन-सी एंटीबायोटिक लेनी चाहिए, कितनी मात्रा में और कितने दिनों तक लेनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि बुखार जैसी सामान्य स्थितियों में भी एंटीबायोटिक का अनावश्यक उपयोग बढ़ रहा है, जिससे एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस की समस्या तेजी से फैल रही है। जब सामान्य एंटीबायोटिक असर नहीं करती, तब नई पीढ़ी की दवाएँ देनी पड़ती हैं, जिससे इलाज महंगा हो जाता है। एंटीबायोटिक की सही डोज, अवधि और संभावित दुष्प्रभाव के बारे में केवल चिकित्सक ही सही मार्गदर्शन दे सकते हैं।

डॉ. दास ने कहा कि एंटीबायोटिक दवाएँ कई परीक्षणों के बाद निर्धारित की जाती हैं। यदि मरीज सही मात्रा और समय तक दवा नहीं लेते हैं तो दवा बेअसर हो सकती है और रोग गंभीर रूप ले सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस के कारण आईसीयू में मृत्यु दर बढ़ गया है और टीबी के मरीजों की संख्या बढ़ने की चिंता सामने आ रही है। भारत में टीबी के मरीजों की संख्या अधिक है, इसलिए दवाओं का सही और नियमित सेवन अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि चिकित्सा अनुसंधान और उपचार पद्धतियों में सुधार के कारण कई बीमारियों के इलाज की अवधि पहले की तुलना में कम की जा सकी है और दुष्प्रभाव भी घटे हैं, लेकिन यह तभी संभव है जब दवाओं का उपयोग चिकित्सकीय सलाह के अनुसार किया जाए।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. रजनीकांत पांडेय ने किया। उन्होंने कहा कि समाज और सरकार के साथ मिलकर एंटीबायोटिक के दुरुपयोग को रोकने में शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है और इस दिशा में जागरूकता कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं।
SKJ Law College में ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के तहत जागरूकता रैली https://t.co/laIyNCBjMq #Muzaffarpur #news pic.twitter.com/KQlAxuldFt
— RAJESH GOLTOO (@GOLTOO) February 16, 2026
इस अवसर पर दैनिक जागरण के पत्रकार दीपक कुमार सहित महाविद्यालय के अनेक शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से डॉ. राजीव कुमार, डॉ. अजमत अली, डॉ सौरव राज, डॉ. आयशा जमाल, डॉ. हसन रजा, डॉ. नीरज कुमार मिश्रा, डॉ. रमेश गुप्ता, डॉ. आशुतोष मिश्रा, अशोक कुमार, सोनी वर्मा, नितेश कुमार, रौशन, दीपांकर कुमार, गोपाल शाही, चंदन कुमार, उज्ज्वल कुमार, आलोक कुमार, आशीष कुमार, कार्तिक पूर्णेंदु, धीरज कुमार, राजकुमार, रजनीश कुमार, मनीषा कुमार, नवीन कुमार, संजीत कुमार, विजय कुमार, अमलेंदु कुमार, रवि भगत,राजेश कुमार आदि उपस्थित रहे।

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।