Muzaffarpur 28 October : मुजफ्फरपुर के RDS College में अंग्रेजी विभाग ने ‘विभाजन : सिनेमा और साहित्य’ विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की। शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।
RDS College में ‘विभाजन : सिनेमा और साहित्य’ विषय पर पैनल चर्चा आयोजित
RDS College, मुजफ्फरपुर के सेमिनार हॉल में अंग्रेजी विभाग की ओर से ‘पार्टिशन : फिल्म एंड लिटरेचर’ (विभाजन : सिनेमा और साहित्य) विषय पर पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर संजय सुमन द्वारा की गई। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम से हुई। अंग्रेजी के विभागाध्यक्ष डॉ अमर ज्योति रंजन ने सभी का स्वागत किया और विषय प्रवेश किया।
कार्यक्रम में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। चर्चा के दौरान विभाजन के ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं को सिनेमा एवं साहित्य के माध्यम से समझने पर जोर दिया गया।

इस अवसर पर रमेश्वर कॉलेज, मुजफ्फरपुर के अंग्रेजी विभागाध्यक्ष उपेंद्र गामी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट वक्ता रामेश्वर सिंह महाविद्यालय के अंग्रेजी के विभागाध्यक्ष डॉ उपेंद्र गामी ने बताया कि फिल्म और साहित्य एक दूसरे के पूरक हैं। कई फिल्में प्रसिद्ध साहित्य पर बनाई गई है।
वक्ताओं ने विभाजन जैसे ऐतिहासिक विषय को साहित्य और सिनेमा के माध्यम से समझने के महत्व पर प्रकाश डाला। इस प्रकार की चर्चाएं विद्यार्थियों को इतिहास की घटनाओं के सामाजिक और मानवीय पक्षों को समझने का अवसर प्रदान करती हैं।

हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो रमेश गुप्ता ने अपने वक्तव्य में बताया कि विभाजन में सबसे ज्यादा प्रताड़ित औरतें और बच्चे हुए हैं। विभाजन का विषय आज भी उतना ही प्रासंगिक है और उसपे कई फिल्में अभी भी बन रही हैं। राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ रजनीकांत पांडे ने अमृता प्रीतम की पुस्तक पिंजर का उल्लेख करते हुए विस्थापन , नागरिकता और स्त्री अस्मिता की बात कही। अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में प्रो संजय सुमन ने सबकी प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों में क्रिटिकल थिंकिंग को बढ़ावा देते हैं। साहित्य में शब्दों के माध्यम से दर्द को उड़ेला गया है और फिल्म में उसको दर्शाया गया है।

पैनल चर्चा में विद्यार्थियों की सहभागिता ने कार्यक्रम को अकादमिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाया। इस दौरान साहित्य, इतिहास और सिनेमा के आपसी संबंधों पर विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर पीजी सेमेस्टर द्वितीय की सृजल, खुशी, सोनाक्षी, अमीषा, संजना, सायमा , हिमांशु, उज्ज्वल, रजनीश, अनिल, उत्सव आदि छात्र छात्राओं ने टैगोर की घरे बायरे, ई एम फोस्टर की ए पैसेज टू इंडिया, खुशवंत सिंह की ट्रेन टू पाकिस्तान, गुलज़ार की रावी पार, मंटो की टोबा टेक सिंह आदि कई कहानियों और उसके फिल्मांकन पर अपनी पीपीटी द्वारा प्रस्तुतियां दी। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने विभाजन से संबंधित कई प्रश्न पैनल से पूछे जिसका निराकरण उनके द्वारा किया गया।
Muzaffarpur : नीतीश्वर महाविद्यालय के दो अतिथि शिक्षक स्थायी शिक्षक बने, सम्मान समारोह में किया गया सम्मानित #Muzaffarpur @brabu_ac_in #Muzaffarpur https://t.co/39WWb8N2bl https://t.co/4M4YX8yCAw
— RAJESH GOLTOO (@GOLTOO) October 26, 2026
धन्यवाद ज्ञापन अंगेजी की सहायक प्राध्यापक एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ आरती कुमारी ने किया। पूरे कार्यक्रम का मंच संचालन यूजी तृतीय सेमेस्टर की छात्रा अपूर्वा प्रियदर्शिनी ने सफलतापूर्वक किया। उक्त अवसर पर सहायक प्राध्यापक डॉ पंकज तिवारी, डॉ बिंदु, डॉ अमृता और बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित थे।
अंग्रेजी विभाग की इस पहल को विद्यार्थियों के बीच साहित्यिक समझ, ऐतिहासिक चेतना और आलोचनात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अकादमिक गतिविधि के रूप में देखा जा सकता है।

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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