Muzaffarpur 26 September : आरडीएस कॉलेज के स्नातकोत्तर गणित विभाग द्वारा “वैदिक गणित और इसके अनुप्रयोग” Vedic Mathematics and its Applications विषय पर आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में विश्वविद्यालय गणित विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ एस के शुक्ला ने वैदिक गणित की महत्ता और उसके अनुप्रयोग पर अपना वक्तव्य देते हुए कहा कि वैदिक गणित भारतीय ज्ञान विज्ञान की बौद्धिक विरासत है।
RDS College Seminar on Vedic Mathematics


वैदिक गणित भारतीय ज्ञान-विज्ञान की बौद्धिक विरासत है: डॉ एस के शुक्ला



सेमिनार के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय गणित विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ संजय कुमार ने बताया कि वैदिक गणित मानसिक गणना तकनीकों की प्रणाली है, जिसकी खोज प्राचीन हिंदू ग्रंथो में 20वीं सदी में शंकराचार्य भारती कृष्ण तीर्थ द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि वैदिक गणित एकाग्रता और समस्या समाधान क्षमताओं को बेहतर बनाने में मदद करता है। वैदिक गणित की विशेषता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अखंडता, सरलता,रचनात्मकता, तीव्र एवं सटीक परिणाम इसके मूल तत्व हैं।

गणित विभाग के अध्यक्ष डॉ दिनेश तिवारी ने सेमिनार में विषय प्रवेश कराया और अतिथियों का स्वागत किया।

वैदिक गणित के 16 सूत्रों को वेदों का अनुसंधान करके जगदगुरु शंकराचार्य भारती कृष्ण तीर्थ महाराज ने निकाला है,जो आधुनिक गणित के अंकगणित, बीजगणित, त्रिकोणमिति, कैलकुलस, कंप्यूटर विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अत्यधिक उपयोगी है। वैदिक गणित के 16 सूत्र जटिल गणितीय समस्याओं को तेजी से हल करने में सहायता प्रदान करते हैं।

डॉ शुक्ला ने वैदिक गणित पर पीपीटी के माध्यम से सेमिनार को इंटरएक्टिव और आकर्षक बनाया। उन्होंने जटिल गणितीय समस्याओं को स्मार्ट और सरल समाधानों के साथ हल करने के लिए व्यावहारिक उदाहरण साझा किये।छात्रों की जिज्ञासाओं का त्वरित गति से हल किया गया।


अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ अनिता सिंह ने कहा कि यह विश्वविद्यालय का पहला कॉलेज है जहां वैदिक गणित पर सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार के माध्यम से सरल तरीके से गणितीय समस्याओं को हल करने की तकनीक का छात्रों को काफी लाभ मिला है। सेमिनार की सफलता के लिए उन्होंने मुख्य वक्ता, मुख्य अतिथि एवं गणित विभाग के सभी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया और उनका धन्यवाद ज्ञापित किया।




मंच संचालन गणित विभाग की प्राध्यापिका डॉ के वंदना एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ भोला महाली ने किया।

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
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