Muzaffarpur News
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Muzaffarpur 7 September : मुजफ्फरपुर के Shyamnandan Sahay College में 70% वेतन आवंटन की मांग को लेकर शिक्षकों ने धरना दिया। 15 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी।

Shyamnandan Sahay College में सांकेतिक धरना

बेला स्थित श्यामनंदन सहाय महाविद्यालय में शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़े वेतन संबंधी मुद्दे को लेकर सोमवार को सांकेतिक धरना दिया गया। राजनीतिक विज्ञान विभाग के अध्यक्ष एवं कॉलेज की शासी निकाय के सदस्य प्रो. (डॉ.) राजीव कुमार के नेतृत्व में आयोजित धरने में शिक्षकों ने 2019 में शिक्षा विभाग की विधि शाखा द्वारा जारी निर्देश के अनुरूप कॉलेज की आय का 70 प्रतिशत हिस्सा शिक्षक एवं कर्मचारियों के वेतन पर खर्च करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने मांग पूरी करने के लिए प्रभारी प्राचार्य को 15 दिन का समय दिया है।

Shyamnandan Sahay College में सांकेतिक धरना
Shyamnandan Sahay College में सांकेतिक धरना

शिक्षकों का कहना है कि वर्ष 2019 के सरकारी निर्देश में कॉलेज की आय के 70 प्रतिशत हिस्से को वेतन मद में तथा शेष 30 प्रतिशत को संस्थागत विकास के लिए निर्धारित करने की व्यवस्था की गई थी। उनके अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य शिक्षकों एवं कर्मचारियों के वेतन को संस्थान की आय के अनुरूप सुनिश्चित करना था। हालांकि, प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों ने आरोप लगाया कि इस प्रावधान को अब तक प्रभावी तरीके से लागू नहीं किया गया है।

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धरने के दौरान प्रो. (डॉ.) राजीव कुमार ने कहा कि 70 प्रतिशत वेतन आवंटन से संबंधित सरकारी आदेश का पालन नहीं होना गंभीर विषय है। उनके अनुसार, शिक्षकों और कर्मचारियों को उनके वैधानिक अधिकार के अनुरूप वेतन मिलना चाहिए। उन्होंने इसे 2019 में जारी सरकारी आदेश का खुले तौर पर उल्लंघन बताया। शिक्षकों ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच वेतन संबंधी विसंगतियों का सीधा असर उनके परिवार और जीवन-यापन पर पड़ रहा है।

Shyamnandan Sahay College में सांकेतिक धरना
Shyamnandan Sahay College में सांकेतिक धरना

शिक्षकों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांग पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रस्तावित आंदोलन में आमरण अनशन और प्राचार्य कार्यालय का घेराव जैसे कदम शामिल होने की बात कही गई है। शिक्षकों के अनुसार, सांकेतिक धरना फिलहाल शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास है, लेकिन समाधान नहीं होने पर आंदोलन का स्वरूप बदल सकता है।

धरने में डॉ. अर्पणा, डॉ. अर्पिता कुमारी, डॉ. रंजना कुमारी, डॉ. शांभवी श्रीवास्तव, डॉ. रेखा वर्मा, डॉ. वंदना कुमारी, डॉ. नमिता रंजन, डॉ. कुमारी संगीता, डॉ. सुकन्या, डॉ. सुषमा भारती, डॉ. कल्पना अम्बष्ठा, डॉ. रेनू, डॉ. रूबी सिन्हा, डॉ. सलोनी भारती, डॉ. जया भारती, डॉ. रीता श्रीवास्तव, डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. राकेश कुमार मिश्रा, डॉ. राजन कुमार, डॉ. एमडी. शहाबुद्दीन हैदर, डॉ. मनीष कृष्ण, प्रो. रविंद्र कुमार सिंह और डॉ. सुनील सिन्हा समेत अन्य शिक्षकों की सहभागिता बताई गई। शिक्षकों ने कहा कि बढ़ती महंगाई के दौर में वर्षों से लंबित वेतन संबंधी मांग का समाधान जरूरी है।

प्रभारी प्राचार्य की लंबी अवधि भी बना मुद्दा

धरने के दौरान कॉलेज के प्रशासनिक ढांचे को लेकर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, वर्तमान प्रभारी प्राचार्य फरवरी 2017 से इस पद पर हैं। शिक्षकों का कहना है कि इतने लंबे समय तक प्रभारी व्यवस्था जारी रहना संस्थागत जवाबदेही और प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया से जुड़े सवाल खड़े करता है। उनका आरोप है कि इसी अवधि में 2019 का वेतन संबंधी सरकारी निर्देश भी प्रभावी रूप से लागू नहीं हो सका।

श्यामनंदन सहाय महाविद्यालय बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर से संबद्ध है। ऐसे में शिक्षकों की मांग का अगला चरण विश्वविद्यालय प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन की कार्रवाई पर निर्भर करेगा। फिलहाल 15 दिनों की समय-सीमा शुरू हो गई है। अब देखना होगा कि इस अवधि में वेतन आवंटन से जुड़े मुद्दे पर कोई समाधान निकलता है या शिक्षकों का आंदोलन व्यापक रूप लेता है।

Goltoo

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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