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SKJ Law College में अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस एवं युवा माह के अवसर पर सेमिनार का आयोजन

August 22, 2026 | by Goltoo

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Muzaffarpur 22 August : अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर तथा अगस्त माह को युवा माह के रूप में मनाने के उद्देश्य से डीएलएसए, मुजफ्फरपुर एवं SKJ Law College, मुजफ्फरपुर के संयुक्त तत्वावधान में एक सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन एसकेजे लॉ कॉलेज की लीगल एड सोसाइटी द्वारा किया गया।

SKJ Law College में सेमिनार का आयोजन

सेमिनार का मुख्य उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा और क्षमता को सकारात्मक दिशा में उपयोग करते हुए समाज के विकास, किशोर अपराध की रोकथाम तथा किशोर न्याय को मजबूत करने पर विचार-विमर्श करना था।

कार्यक्रम में श्री शफदार अली, सदस्य, बाल कल्याण समिति (CWC) एवं पूर्व सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड (JJB) ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने किशोर न्याय, बाल संरक्षण तथा किशोर अपराध की रोकथाम में युवाओं की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।

SKJ Law College में अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस एवं युवा माह के अवसर पर सेमिनार का आयोजन
SKJ Law College में अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस एवं युवा माह के अवसर पर सेमिनार का आयोजन

इस अवसर पर डॉ. रूपा झा एवं डॉ. धनंजय पांडेय ने भी अपने विचार रखते हुए युवाओं में कानूनी जागरूकता बढ़ाने, उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ने तथा किशोर अपराध की रोकथाम के लिए सामुदायिक भागीदारी को आवश्यक बताया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. के.के.एन. तिवारी, डॉ. एस.पी. चौधरी एवं डॉ. राय अमिताभ सहाय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी उपस्थिति एवं मार्गदर्शन ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

SKJ Law College में अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस एवं युवा माह के अवसर पर सेमिनार का आयोजन
SKJ Law College में अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस एवं युवा माह के अवसर पर सेमिनार का आयोजन

सेमिनार के दौरान इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि युवा शक्ति को सही दिशा देकर समाज के विकास में प्रभावी रूप से लगाया जा सकता है। युवाओं को केवल न्याय व्यवस्था के लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि किशोर अपराध की रोकथाम, बाल अधिकारों की रक्षा और किशोर न्याय को मजबूत करने में सक्रिय भागीदार के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

वक्ताओं ने कहा कि कानूनी जागरूकता, प्रारंभिक हस्तक्षेप, सामुदायिक सहभागिता, शिक्षा तथा सकारात्मक सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक दिशा दी जा सकती है।

कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि शैक्षणिक संस्थान, विधिक सेवा प्राधिकरण, युवा संगठन और समाज मिलकर किशोर अपराध की रोकथाम, बाल संरक्षण तथा किशोर न्याय की अवधारणा को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करेंगे।

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