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SKJ Law College एस.के.जे. लॉ कॉलेज में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ

July 18, 2026 | by Goltoo

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Muzaffarpur 18 July : श्री कृष्ण जुबिली लॉ कॉलेज (SKJ Law College), मुजफ्फरपुर में दिनांक 18.07.2026 (शनिवार) को पूर्वाहन 10:00 बजे “महिला, कानून एवं भारत में सामाजिक परिवर्तन : अधिकार, न्याय, समकालीन चुनौतियाँ एवं सशक्तिकरण के पथ” विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ।

SKJ Law College दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी

संगोष्ठी में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षाविदों, विधि विशेषज्ञों, शोधार्थियों, अधिवक्ताओं एवं विद्यार्थियों के साथ-साथ मिस्र (Egypt) सहित अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों ने भी सहभागिता की ।

SKJ Law College दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी
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कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं स्वागत समारोह के साथ हुआ। दीप प्रज्ज्वलन उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) श्री ओ.पी. सिंह, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय की सेवानिवृत्त प्राध्यापिका प्रो. (डॉ.) नंदिनी मेहता, प्रख्यात विधि शिक्षाविद् प्रो. (डॉ.) एस.डी. शर्मा, महाविद्यालय के अध्यक्ष श्री एस. के. मिश्रा, सचिव डॉ. उज्ज्वला मिश्रा, निदेशक श्री जयंत कुमार, प्राचार्य डॉ. के. के. एन. तिवारी तथा श्री आशुतोष द्वारा संयुक्त रूप से किया गया । उद्घाटन सत्र का सफल संचालन सहायक प्राध्यापिका आदिति आनंद ने किया ।

SKJ Law College दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी
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उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश पूर्व पुलिस महानिदेशक श्री ओ.पी. सिंह ने अपने संबोधन में उपरोक्त विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि विधि सिर्फ महिलाओ को अधिकार दे सकता है परन्तु सम्मान नहीं । सम्मान तो समाज के द्वारा ही दी जाती है । विश्व मे प्रतिदिन 96000 बच्चे गायब होते है जिसमे से 75 प्रतिशत बच्चियाँ ही होती है । उन्होंने आगे कहा कि महिलाओ के अधिकार के लिए दो बिंदु महत्पूर्ण है; पहला समाज में विधि के प्रति जागरूकता तथा महिलाओ में इसकी जोरदार ढंग से बढ़ावा देने का समर्थन करना, दुसरा महिलाओ में आर्थिक सम्पनता को बढ़ावा देने की आवश्यकता ।

SKJ Law College दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी
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जिसको उन्होंने ने आइसलैंड के महिलाओ की उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की महिलाओ ने अपनी संघर्ष एवं प्रदर्शन से अपनी महत्व को विश्व समाज में दर्शाया कि महिलाए अब पुरषों से किसी भी मायने में कम नहीं ।
प्रो. (डॉ.) नंदिनी मेहता तथा प्रो. (डॉ.) एस.डी. शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए महिला अधिकारों की संवैधानिक सुरक्षा, लैंगिक समानता, न्याय तक महिलाओं की पहुँच तथा सामाजिक परिवर्तन में विधि की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला ।

SKJ Law College दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी
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उद्घाटन सत्र के उपरांत आयोजित प्लेनरी सत्र में प्रो. (डॉ.) एस.डी. शर्मा तथा एमिटी विश्वविद्यालय के विधि विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव रंजन, एवं बी. आर. ए. बिहार विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) रेणु कुमारी ने समकालीन विधिक चुनौतियों, महिला अधिकारों एवं न्याय व्यवस्था की बदलती भूमिका पर अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए। प्लेनरी सत्र का संचालन सहायक प्राध्यापक देवाशीष द्वारा किया गया ।

इसके पश्चात तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें देश-विदेश से आए प्रतिभागियों ने संगोष्ठी की विषय-वस्तु से संबंधित विभिन्न आयामों पर अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। शोध-पत्रों पर विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के बीच सार्थक अकादमिक चर्चा हुई तथा विधि एवं समाज से जुड़े समसामयिक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया ।

महाविद्यालय प्रशासन ने बताया कि संगोष्ठी का दूसरा दिन 19 जुलाई को विभिन्न तकनीकी सत्रों, शोध-पत्र प्रस्तुतियों एवं समापन समारोह के साथ संपन्न होगा । संगोष्ठी के सफल आयोजन में महाविद्यालय के अध्यक्ष श्री एस. के. मिश्रा, सचिव डॉ. उज्ज्वला मिश्रा, निदेशक श्री जयंत कुमार, प्राचार्य डॉ. के. के. एन. तिवारी, प्रशासक डॉ. रत्नेश कुमार, डॉ. एस. पी. चौधरी, डॉ. पंकज कुमार, प्रो. आर ए. सहाय के साथ-साथ डॉ. धनंजय पांडेय, डॉ. मानवेन्द्र त्रिपाठी, डॉ. अविनाश पांडेय, डॉ. सदानंद पटेल एवं महाविद्यालय के समस्त शिक्षक एवं कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा ।

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