‘मेजर ध्यानचंद के नेतृत्व में प्रशिक्षित, मैं दुख में जी रहा : पूर्व हॉकी खिलाड़ी’- टेकचंद
मैं उस भारतीय टीम का हिस्सा था जिसने 1961 में हॉलैंड (अब नीदरलैंड्स) को हराया था.मेरे पास उचित भोजन नहीं है, और न बिजली है और न ही सोने के लिए बिस्तर है. मैं दुख में जी रहा : पूर्व हॉकी खिलाड़ी’- टेकचंद Former Hockey Player Tekchand : कभी राष्ट्रीय हॉकी टीम (Indian Hockey Team)…