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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा गाड़ियों में रियर सीट बेल्ट अलार्म और पहनना भी अनिवार्य करने की बात पर जोर दे रहा हूँ .उन्होंने कहा मैंने इस संबंध में कानूनी प्रावधान किए हैं.

Patna 12 September : बिहार में कार के पीछे बैठने पर भी सीट बेल्ट लगाना होगा नहीं तो कटेगा चालान. पिछले दिनों हुई टाटा संस चेयरमैन के दुर्घटना में मारे जाने के बाद पीछे बैठने वालों को सीट बेल्ट लगाकर चलने की बात चर्चा में आ गई थी. अक्सर दुर्घटना होने के बाद इस तरह के बात उठने लगती है. इस दुर्घटना में प्रसिद्ध उद्योगपति साइरस मिस्त्री के मारे जाने के बाद कार के सुरक्षा मानकों पर सवाल उठने लगे थे.

उद्योगपति साइरस मिस्त्री की दुखद मौत का जिक्र करते हुए, जिनकी रविवार को मुंबई के पास एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा गाड़ियों में रियर सीट बेल्ट अलार्म और पहनना भी अनिवार्य करने की बात पर जोर दे रहा हूँ .उन्होंने कहा मैंने इस संबंध में कानूनी प्रावधान किए हैं.


महाराष्ट्र के पालघर जिले में टाटा संस के पूर्व चेयरमैन मिस्त्री पिछली सीट पर बैठे थे और उन्होंने सीटबेल्ट नहीं पहना हुआ था, तभी उनकी तेज रफ्तार मर्सिडीज डिवाइडर से टकरा गई।इस दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई.

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Car safety image Rear Seat Belt is going to be mandatory in India

क्योंकि कार की अगली सीट पर तो लोग सीट बेल्ट लगा लेते हैं पर पीछे बैठने वाले इस बात की लापरवाही करते हैं. जिस वजह से दुर्घटना में बचने की संभावना घाट जाती है. यदि सभी व्यक्ति सीट बेटे लगा कर चलेंगे तो दुर्घटना में बचने की संभावना बढ़ जाती है. गाड़ियों में एयरबैग रहे या ना रहे सीट बेल्ट ही सबसे ज्यादा कारगर उपाय है दुर्घटना में बचाव के. पीछे की सीट वालों के लिए साइड में ही एयर बैग होते हैं वह भी सभी कार में नहीं होते हैं तो सीट बेल्ट बचाव का सबसे बड़ा उपाय है. इसलिए पीछे की सीट पर बेल्ट लगाकर चलने के लिए बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भी अभियान चलाकर लोगों को इसके लिए प्रेरित कर रहा है.

प्रसिद्ध उद्योगपति मिस्त्री की दुर्घटना में मृत्यु होने के बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की थी पीछे सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य होगा. इसके बाद बिहार में भी परिवहन विभाग विभाग ने इस मुद्दे पर बैठक की और फैसला लिया. इस व्यवस्था को सभी तरह की गाड़ियों नई या पुरानी में अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरुआत शुरू कर दी गई है.

जिन गाड़ियों में पीछे की सीट पर सीट बेल्ट नहीं है उन्हें संबंधित एजेंसियों से संपर्क करें सीट बैठकर लगानी होगी अन्यथा फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा. ज्यादातर 15 साल से पुरानी गाड़ियों में सीट बेल्ट पीछे नहीं है. पीछे की सीट पर बैठने वाले यदि बिना बैठ के पकड़े जाएंगे तो जुर्माना भी होगा. वैसे 99% प्रतिशत कार सवार पीछे की सीट पर बेल्ट नहीं लगाते हैं. सीट बेल्ट नहीं लगाने वालों पर अब कठोर कार्रवाई करने की बात चल रही है और जुर्माना की राशि भी बढ़ेगी ऐसा प्रतीत हो रहा है.

बिहार में भी परिवहन विभाग ने सभी डीटीओ को नए निर्देश दिए हैं कि सीट बेल्ट के लिए जांच अभियान अलग से ना चलाया गया बल्कि रूटीन जांच में भी इस पर ध्यान रखा जाए. नेशनल हाईवे सब हाईवे और ग्रामीण इलाकों में भी सीट बेल्ट लगाने पर लगाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए. चेतावनी दी जाए कि इन नियमों का उल्लंघन करने वाले चालक और सवारों का चालान काटा जाएगा. बिहार राज परिवहन विभाग लोगों को सीट बेल्ट लगाने के लिए जागरूक करने के लिए अभियान चलाएगी.

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Goltoo

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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