Patna 3 November : भाकपा- माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि विश्वविद्यालय शिक्षकों की हो रही बहाली में बिहार सरकार को पारदर्शिता की गारंटी करनी चाहिए. हिंदी विषय के लिए साक्षात्कार की प्रकाशित सूची को लेकर अभ्यर्थियों में गहरा आक्रोश है क्योंकि किस अभ्यर्थी को कितना अंक प्राप्त हुआ यह सूचना सार्वजनिक नहीं की गई है. इसके कारण कई प्रकार के संदेह पैदा हो रहे हैं.

जिस तरह अतिथि शिक्षकों की बहाली में पारदर्शिता अपनाई गई, स्थायी बहाली में भी सरकार और आयोग पारदर्शिता की गारन्टी करे और सभी अभ्यर्थियों के प्राप्तांक को सार्वजनिक करे. जिन अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए नहीं बुलाया जा रहा है उसके कारणों को स्पष्ट करे. अभ्यर्थी शिक्षण अनुभव और पब्लिकेशन को लेकर गम्भीर सवाल उठा रहे हैं. इसका निदान होना चाहिए.

मुजफ्फरपुर कोर्ट में सनसनीखेज मामला वकील पहुंचे पिस्टल लेकर जज के पास https://t.co/rEd6OVF6nK
— RAJESH GOLTOO (@GOLTOO) November 3, 2022
उन्होंने ने यह भी कहा की हमारी मांग है कि तब तक इस इंटरव्यू को स्थगित किया जाना चाहिए.
सभ जानकारियां कुमार परवेज, मीडिया प्रभारी, भाकपा-माले, बिहार द्वारा दी गई.
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