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B.R.A. Bihar University के 37 नए डिग्री कॉलेजों पर उठे सवाल: भवन नहीं, शौचालय नहीं, शिक्षक नहीं; कैसे मिलेगी उच्च शिक्षा?

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Muzaffarpur 21 May : B.R.A. Bihar University के 37 नए डिग्री कॉलेजों में भवन, शिक्षक और शौचालय की कमी सामने आई। बैठक में कुलपति ने समाधान का भरोसा दिया।

B.R.A. Bihar University के 37 नए डिग्री कॉलेजों पर उठे सवाल

B.R.A. Bihar University, मुजफ्फरपुर के अंतर्गत हाल में शुरू किए गए 37 नए डिग्री कॉलेजों की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। बुधवार को विश्वविद्यालय के Senate Hall में कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय ने नए कॉलेजों के प्रभारी प्राचार्यों के साथ बैठक की। बैठक में ग्रामीण इलाकों में संचालित नए डिग्री कॉलेजों में भवन, शौचालय, बिजली, शिक्षक और बुनियादी संसाधनों की कमी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

बैठक के दौरान कई प्रभारी प्राचार्यों ने बताया कि कुछ कॉलेज ऐसे स्कूल परिसरों में चल रहे हैं, जहां पर्याप्त कमरे तक उपलब्ध नहीं हैं। कई स्थानों पर शौचालय की व्यवस्था नहीं है और भीषण गर्मी में पंखा या AC या अन्य मूलभूत सुविधाएं भी मौजूद नहीं हैं। कुछ कॉलेज बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां भवनों की स्थिति काफी खराब बताई गई। ऐसे हालात में शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

B.R.A. Bihar University के 37 नए डिग्री कॉलेजों पर उठे सवाल
B.R.A. Bihar University के 37 नए डिग्री कॉलेजों पर उठे सवाल

इस पर B.R.A. Bihar University कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा का विस्तार आसान नहीं है, लेकिन विश्वविद्यालय इन चुनौतियों का समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्राचार्यों से कॉलेजों के विकास पर ध्यान देने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि विश्वविद्यालय आवश्यक सहयोग देगा। कुलपति ने यह भी कहा कि अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है और आगे नियमित शिक्षकों की बहाली भी की जाएगी। वहीं कर्मचारियों की तैनाती आउटसोर्सिंग के माध्यम से करने पर विचार किया जा रहा है।

बैठक में कुलसचिव ने सभी प्राचार्यों को वित्तीय नियमों और खरीद प्रक्रिया का पालन करने की सलाह दी। बताया गया कि 50 हजार रुपये तक की खरीदारी प्राचार्य स्वयं कर सकेंगे, जबकि इससे अधिक राशि की खरीद पर निर्धारित प्रक्रिया और अनुमति आवश्यक होगी। पांच लाख रुपये से अधिक के खर्च के लिए निविदा प्रक्रिया अपनाई जाएगी। विषय चयन से जुड़े सवाल पर डीएसडब्ल्यू प्रो. आलोक प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि छात्रों को उन्हीं विषयों में प्रवेश मिलेगा, जिनकी पढ़ाई संबंधित कॉलेजों में उपलब्ध होगी।

हालांकि, नए डिग्री कॉलेजों की स्थापना को लेकर शिक्षा क्षेत्र में बहस भी तेज हो रही है। सवाल उठ रहे हैं कि जब कई पुराने कॉलेज पहले से संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं, तब बिना पर्याप्त आधारभूत संरचना के नए कॉलेज शुरू करना कितना प्रभावी होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा का विस्तार जरूरी है, लेकिन इसके लिए भवन, शिक्षक, प्रयोगशाला, पुस्तकालय और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि यह पहल शिक्षा सुधार की दिशा में सफल कदम बनती है या केवल औपचारिकता तक सीमित रह जाएगी।

Goltoo

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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