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Muzaffarpur के किसान पुत्र वासुदेव प्रसाद सिंह का ऑस्ट्रेलिया तक सफर, बिहार के तेज गेंदबाज ने बनाई राष्ट्रीय पहचान

July 25, 2026 | by Goltoo

din12

Muzaffarpur 25 July : Muzaffarpur के किसान पुत्र वासुदेव प्रसाद सिंह का चयन ऑस्ट्रेलिया में हाई-परफॉर्मेंस क्रिकेट प्रशिक्षण के लिए हुआ। NCA और MRF Pace Foundation के बाद नई उपलब्धि।

Muzaffarpur के किसान पुत्र वासुदेव प्रसाद सिंह का ऑस्ट्रेलिया तक सफर

बिहार के Muzaffarpur जिले के कन्हौली गांव के रहने वाले किसान पुत्र वासुदेव प्रसाद सिंह ने अपनी मेहनत और लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय क्रिकेट में नई पहचान बनाई है। साधारण किसान परिवार से आने वाले वासुदेव का चयन अब ऑस्ट्रेलिया में उच्च स्तरीय क्रिकेट प्रशिक्षण के लिए हुआ है। यह अवसर उन्हें देशभर के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के बीच आयोजित कठिन चयन प्रक्रिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद मिला है। उनकी उपलब्धि न केवल परिवार बल्कि पूरे मुजफ्फरपुर और बिहार क्रिकेट जगत के लिए गर्व का विषय बन गई है।

वासुदेव प्रसाद सिंह के पिता देवेंद्र प्रसाद सिंह किसान हैं, जबकि उनकी माता अर्चना सिंह और भाई कुशदेव प्रसाद सिंह ने हर कदम पर उनका साथ दिया। ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े वासुदेव ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने क्रिकेट सपने को कभी नहीं छोड़ा। क्रिकेट अकादमी मुजफ्फरपुर में कोच दिनेश कुमार के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी गेंदबाजी को लगातार निखारा। स्थानीय स्तर पर दिखाई गई प्रतिभा धीरे-धीरे राज्य और फिर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंची।

Muzaffarpur के किसान पुत्र वासुदेव प्रसाद सिंह का ऑस्ट्रेलिया तक सफर
Muzaffarpur के किसान पुत्र वासुदेव प्रसाद सिंह का ऑस्ट्रेलिया तक सफर

वासुदेव की सफलता के पीछे क्रिकेट अकादमी मुजफ्फरपुर की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने अपने शुरुआती क्रिकेट करियर में इसी अकादमी में कोच दिनेश कुमार के मार्गदर्शन में तेज गेंदबाजी की बारीकियां सीखीं और अपनी प्रतिभा को निखारा। आज यह अकादमी बिहार की प्रमुख क्रिकेट नर्सरी बन चुकी है, जहां से दर्जनों खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना चुके हैं। वासुदेव की उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि सही प्रशिक्षण और निरंतर मेहनत के दम पर छोटे शहरों और गांवों के खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकते हैं।

वासुदेव का क्रिकेट करियर जूनियर स्तर से ही लगातार आगे बढ़ता गया। उन्होंने वर्ष 2018-19 में एसजीएफआई अंडर-16 राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और इसके बाद 2019-20 बीसीसीआई विजय मर्चेंट ट्रॉफी में बिहार का प्रतिनिधित्व किया। कोविड-19 महामारी के दौरान प्रतियोगिताएं प्रभावित होने के बावजूद उन्होंने अभ्यास जारी रखा। इसके बाद 2023-24 और 2024-25 कूच बिहार ट्रॉफी, विनू मांकड़ ट्रॉफी, सी.के. नायडू ट्रॉफी तथा मेंस अंडर-23 वनडे ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंटों में लगातार बिहार का प्रतिनिधित्व कर अपनी क्षमता साबित की।

उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ 2025-26 सीजन रहा, जब उन्हें अंडर-23 वर्ग का “प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट” चुना गया। इस उपलब्धि ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर उभरते हुए तेज गेंदबाजों की सूची में शामिल कर दिया। इसके बाद वर्ष 2024 में नेशनल क्रिकेट अकादमी (NCA) में प्रशिक्षण का अवसर मिला और फिर प्रतिष्ठित एमआरएफ पेस फाउंडेशन में भी चयन हुआ, जहां विश्वस्तरीय तेज गेंदबाजों की तकनीक पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। इन उपलब्धियों ने उनके क्रिकेट भविष्य को नई दिशा दी।

अब वासुदेव प्रसाद सिंह को ऑस्ट्रेलिया में हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग का अवसर मिला है, जहां वे अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं, आधुनिक तकनीक और अनुभवी प्रशिक्षकों के साथ अभ्यास करेंगे। यह चयन अखिल भारतीय ट्रायल में उनके शानदार प्रदर्शन का परिणाम माना जा रहा है। तेज और उछालभरी ऑस्ट्रेलियाई पिचों पर प्रशिक्षण से उनकी गेंदबाजी को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

क्रिकेट अकादमी Muzaffarpur के किसान पुत्र वासुदेव प्रसाद सिंह का ऑस्ट्रेलिया तक सफरने भी वासुदेव की सफलता पर खुशी व्यक्त की है। अकादमी के अध्यक्ष समंत कुमार, सचिव राकेश प्रसाद सहित हिमांशु कुमार, धनंजय कुमार, कुंदन शांडिल्य, महेश कुमार,रजनी और गुंजन कुमारी ने इसे बिहार क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। अकादमी का कहना है कि वासुदेव की सफलता राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा बनेगी और यह साबित करती है कि समर्पण, सही मार्गदर्शन और निरंतर मेहनत के बल पर गांव से निकलकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा जा सकता है।

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