BRABU ‘Vice-Chancellor Award for Research Excellence’ शिक्षक दिवस पर उत्कृष्ट शोधकर्ताओं को मिलेगा कुलपति सम्मान
August 20, 2026 | by Goltoo
Muzaffarpur 20 August : BRABU ने Vice-Chancellor Award for Research Excellence की घोषणा की। SCOPUS शोध, ₹5 लाख प्रोजेक्ट, पेटेंट और भारतीय भाषा की पत्रिकाओं के आधार पर शिक्षक दिवस पर होगा सम्मान।
BRABU ‘Vice-Chancellors Award for Research Excellence’
बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) ने शोध और नवाचार को संस्थागत स्तर पर नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने पहली बार Vice-Chancellor Award for Research Excellence की घोषणा करते हुए ऐसा मूल्यांकन ढांचा तैयार किया है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध, भारतीय भाषाओं की अकादमिक परंपरा, बाहरी शोध अनुदान और पेटेंट जैसी उपलब्धियों को समान महत्व दिया गया है। यह सम्मान 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच उल्लेखनीय शोध उपलब्धियां हासिल करने वाले शिक्षकों को शिक्षक दिवस पर प्रदान किया जाएगा।
शोध संस्कृति को नई दिशा देने की पहल
BRABU का नया रिसर्च एक्सीलेंस फ्रेमवर्क केवल पुरस्कार देने की योजना नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को प्रोत्साहित करने की दीर्घकालिक रणनीति भी है। लंबे समय तक शोध कार्य प्रयोगशालाओं और शोध पत्रों तक सीमित माना जाता रहा है, लेकिन अब विश्वविद्यालय उत्कृष्ट शोध को सार्वजनिक रूप से सम्मानित कर उसे संस्थान की पहचान का हिस्सा बनाने की कोशिश कर रहा है।
कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय के नेतृत्व में शुरू की गई यह पहल शिक्षकों को उच्च गुणवत्ता वाले शोध, नवाचार और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

वैश्विक मानकों के साथ भारतीय भाषाओं को भी मिला स्थान
विश्वविद्यालय ने पात्रता के लिए SCOPUS और SCImago में सूचीबद्ध Q1 और Q2 जर्नलों में प्रकाशित शोध को प्रमुख आधार बनाया है। इसके साथ ही हिंदी, उर्दू, संस्कृत, फारसी और अन्य भारतीय भाषाओं की मान्यता प्राप्त प्रिंट पत्रिकाओं में प्रकाशित शोध को भी समान महत्व दिया गया है।
मान्यता प्राप्त पत्रिकाओं में समकालीन भारतीय साहित्य, हंस, आलोचना, हिंदी अनुशीलन, मिथिला भारती, उर्दू दुनिया, ऐवान-ए-उर्दू सहित कई प्रतिष्ठित प्रकाशन शामिल हैं। प्रिंट संस्करण को पात्रता में शामिल कर विश्वविद्यालय ने पारंपरिक और प्रमाणिक अकादमिक प्रकाशनों की विश्वसनीयता को भी महत्व दिया है।
Vice-Chancellor Award : ₹5 लाख के शोध प्रोजेक्ट और पेटेंट पर विशेष जोर
नई नीति के तहत राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से ₹5 लाख या उससे अधिक का शोध प्रोजेक्ट प्राप्त करने वाले शिक्षक भी पुरस्कार के पात्र होंगे। यह सीमा भारतीय उच्च शिक्षा व्यवस्था में बड़े शोध प्रोजेक्ट के महत्वपूर्ण मानक के रूप में देखी जाती है।
BRABU के कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय के नेतृत्व में करक्यूमिन युक्त हाई प्रोटीन आइसक्रीम विकसित हुई। शोध अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हुआ। https://t.co/jzVLRJYaSs #Muzaffarpur #research @brabu_ac_in @DineshCRai pic.twitter.com/MbjwGC2kA4
— RAJESH GOLTOO (@GOLTOO) August 19, 2026
इसके अलावा BRABU ने Granted Patent को भी स्वतंत्र पात्रता श्रेणी में शामिल किया है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को केवल शोध पत्र प्रकाशित करने तक सीमित न रखकर ऐसे नवाचार विकसित करने के लिए प्रेरित करना है, जिनका व्यावहारिक उपयोग हो और जिन्हें बौद्धिक संपदा के रूप में संरक्षित किया जा सके।
Vice-Chancellors Award : 31 अगस्त तक आवेदन, शिक्षक दिवस पर सम्मान
विश्वविद्यालय ने पात्र शिक्षकों से 31 अगस्त तक अपनी उपलब्धियों का विवरण जमा (racbrabu@gmail.com) करने का आग्रह किया है। चयन प्रक्रिया Research Advisory Committee (RAC) (racbrabu@gmail.com)की देखरेख में पूरी होगी। समिति में IQAC निदेशक प्रो. नवेदुल हक, समन्वयक डॉ. गौतम चंद्र और सदस्य डॉ. राजेश कुमार शामिल हैं।
शिक्षक दिवस पर आयोजित सम्मान समारोह के माध्यम से विश्वविद्यालय यह संदेश देना चाहता है कि उत्कृष्ट शिक्षक वही हैं जो कक्षा में पढ़ाने के साथ-साथ अपने विषय में सक्रिय शोधकर्ता और समाजोपयोगी ज्ञान के सृजनकर्ता भी हों।
BRABU रिसर्च एक्सीलेंस फ्रेमवर्क की मुख्य बातें
- Vice-Chancellor Award for Research Excellence की शुरुआत।
- SCOPUS/SCImago के Q1 और Q2 जर्नलों में शोध को प्राथमिकता।
- भारतीय भाषाओं की मान्यता प्राप्त प्रिंट पत्रिकाओं को समान महत्व।
- ₹5 लाख या अधिक के शोध प्रोजेक्ट पर पात्रता।
- Granted Patent को भी उत्कृष्ट उपलब्धि माना जाएगा।
- पात्रता अवधि: 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026।
- आवेदन की अंतिम तिथि: 31 अगस्त।
- शिक्षक दिवस पर होगा सम्मान समारोह।

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।
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