Muzaffarpur 10 September : RDS College, मुजफ्फरपुर के मनोविज्ञान विभाग द्वारा विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। वर्ष 2026 की Theme: “Changing the Narrative on Suicide” पर केंद्रित कार्यक्रम का उद्देश्य आत्महत्या की रोकथाम, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा आत्महत्या से जुड़ी भ्रांतियों एवं गलत धारणाओं को दूर करना था।
RDS College में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. सी.के. झा के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने उपस्थित अतिथियों, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। इसके बाद डॉ. आनंद प्रकाश दुबे ने विषय प्रवेश कराते हुए “Changing the Narrative on Suicide” की पृष्ठभूमि तथा आत्महत्या रोकथाम में जागरूकता और संवेदनशील संवाद की आवश्यकता को संक्षेप में रेखांकित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य प्रो. शशि भूषण कुमार ने की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुलकर बातचीत का वातावरण तैयार करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने Academic Stress, Emotional Pressure और Loneliness जैसी परिस्थितियों को गंभीरता से समझने तथा विद्यार्थियों की समस्याओं पर संवेदनशीलता से ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी परेशानियों को अकेले झेलने के बजाय शिक्षकों, परिवार या विश्वसनीय व्यक्तियों से साझा करना चाहिए।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. सौरभ राज ने आत्महत्या की रोकथाम के मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आत्महत्या के पीछे प्रायः कई मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक परिस्थितियां एक साथ काम करती हैं। Emotional Distress, Stress, Depression और Hopelessness जैसी अवस्थाओं को समय रहते पहचानना महत्वपूर्ण है। उन्होंने आत्महत्या से जुड़े Myths और Facts पर चर्चा करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के व्यवहार में अचानक बदलाव, निराशा, सामाजिक दूरी अथवा भावनात्मक संकट जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। ऐसे समय में व्यक्ति की बात को बिना Judgement के सुनना और उसे उचित सहयोग उपलब्ध कराना आत्महत्या की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने भी अपने विचार रखते हुए मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर डॉ. एम.एन. रज़वी, डॉ. रजनीकांत पांडेय, डॉ. अजमत अली, डॉ. ललित किशोर, डॉ. नीरज कुमार, डॉ. सूरज कुमार, डॉ. आलोक त्रिपाठी, डॉ. भगवान कुमार, डॉ. अनुराधा पाठक, डॉ. स्नेहलता, डॉ. आयशा जमाल, डॉ. सुमन लता एवं कुमारी निधि सहित कई शिक्षकों ने अपने विचार रखे। शिक्षकों ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने, Stress, Anxiety और Depression के शुरुआती संकेतों को पहचानने तथा मानसिक संकट से गुजर रहे व्यक्ति के प्रति सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार करने पर जोर दिया।


कार्यक्रम का संचालन डॉ. अमिता त्रिवेदी ने किया। मंच संचालन के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं और मन की बात भीतर दबाकर रखने के बजाय किसी विश्वसनीय व्यक्ति के साथ साझा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने एक प्रेरणादायक गीत के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि मन की बात को व्यक्त करना कमजोरी नहीं, बल्कि मानसिक रूप से स्वस्थ रहने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में मनोविज्ञान विभाग के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। खुशी, कृष्ण मोहन, पुष्पा, गजाला, अमित, शुभम एवं शिम्पी सहित कई विद्यार्थियों ने “Changing the Narrative on Suicide” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए तथा आत्महत्या से जुड़े मिथकों एवं तथ्यों पर प्रकाश डाला।
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— RAJESH GOLTOO (@GOLTOO) September 10, 2026
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने विषय से संबंधित अपने मन में उठ रहे विभिन्न प्रश्न वक्ताओं के समक्ष रखे। वक्ताओं ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का उत्तर देते हुए मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संकट तथा समय पर सहायता लेने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। इससे विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को अधिक सहज और व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिला।
डॉ. चौधरी संजय कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले प्राचार्य, विभागाध्यक्ष, मुख्य वक्ता, सभी शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को केवल एक दिन तक सीमित न रखकर इसे निरंतर संवाद का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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