Muzaffarpur News
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Muzaffarpur 1 November : Muzaffarpur के आरबीबीएम कॉलेज में राष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान ‘दूर देश के परिंदे’ और ‘सरकफंदा’ उपन्यासों में स्त्री विमर्श, इतिहास और समाज पर चर्चा हुई।

RBBM College Muzaffarpur में राष्ट्रीय संगोष्ठी: ‘दूर देश के परिंदे’ और ‘सरकफंदा’ उपन्यासों में स्त्री विमर्श व सामाजिक सरोकारों पर चर्चा

रामवृक्ष बेनीपुरी महिला महाविद्यालय, Muzaffarpur एवं अभिधा प्रकाशन के इस संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के स्त्री उपन्यास विषयक चतुर्थ सत्र में साहित्य अकादमी से पुरस्कृत सुविख्यात लेखिका के उपन्यास दूर देश के परिंदे तथा सुप्रसिद्ध कथाकार वंदना राग के चर्चित उपन्यास ‘सरक फंदा’ पर विस्तार से चर्चा की गई।

दूर देश के परिंदे पर चर्चा करते हुए बिहार विश्वविद्यालय के प्राध्यापक प्रो. प्रमोद कुमार ने उपन्यास के अलग अलग स्त्रियों के द्वारा सभ्यता से संवाद को रेखांकित किया. वहीं सुप्रसिद्ध कथाकर, कथा आलोचक राकेश बिहारी ने कहा कि यह उपन्यास जीवनबोध के साथ मृत्युबोध की भी कथा है.

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उपन्यासकार अनामिका ने अपनी रचना प्रक्रिया पर बात करते हुए बताया कि दूर देश के परिंदे जीवन के कई महाप्रश्नों को उठाया है.   

RBBM College Muzaffarpur में राष्ट्रीय संगोष्ठी: ‘दूर देश के परिंदे’ और ‘सरकफंदा’ उपन्यासों में स्त्री विमर्श व सामाजिक सरोकारों पर चर्चा
RBBM College Muzaffarpur में राष्ट्रीय संगोष्ठी: ‘दूर देश के परिंदे’ और ‘सरकफंदा’ उपन्यासों में स्त्री विमर्श व सामाजिक सरोकारों पर चर्चा

वंदना राग के उपन्यास ‘सरकफंदा’ पर बात करते  समकालीन कथाकर मोहम्मद आरिफ़ ने कहा कि यह उपन्यास इस बात को स्पष्ट करता है कि इतिहास को भूलना ही सबसे बड़ी भूल है. एलएनटी, कॉलेज के चितरंजन कुमार ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी के भ्रमित होने का कारण पिछली पीढ़ी का सुसुप्त हो जाना है. वंदना राग ने उपन्यास पर पूछे गए प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि इस उपन्यास में सरक फंदा समाज के सभी पहलुओं पर कसा जा रहा है. वह संवेदना के स्तर पर, मानवता के स्तर पर और पूंजी आदि सभी स्तर पर.

इस सत्र का संचालन विश्वविद्यालय हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक उज्ज्वल आलोक एवं धन्यवाद ज्ञापन आर बी बी एम कॉलेज की ज्योति कुमारी ने किया.

Goltoo

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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