Muzaffarpur 1 November : मुजफ्फरपुर में Bihar Sports Dialogue सीजन-2 में पंकज राग और एसएसपी कांतेश मिश्रा ने खेल भावना, फिटनेस, अनुशासन और नशामुक्ति पर जोर दिया।
Bihar Sports Dialogue में जुटे खेल विशेषज्ञ, खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य, फिटनेस, अनुशासन और नशामुक्ति में खेल की भूमिका पर हुई चर्चा
एलएन मिश्रा कॉलेज ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट, मुजफ्फरपुर के सभागार में स्वामी विवेकानंद क्रीड़ा एवं योग संस्थान के तत्वावधान में आयोजित Bihar Sports Dialogue सीजन-2 का समापन हुआ। कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय खेल पदाधिकारी पंकज राग, मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश मिश्रा समेत कई खेल विशेषज्ञों, प्रशिक्षकों और शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया। इस दौरान खेल में हार को सहजता से स्वीकार करने, खिलाड़ियों की फिटनेस, मानसिक मजबूती, खेल प्रशिक्षकों की जिम्मेदारी और नशामुक्ति अभियान में खेल की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।


समापन समारोह के मुख्य अतिथि पंकज राग ने कहा कि खिलाड़ियों को हार से हतोत्साहित होने के बजाय उसे शालीनता से स्वीकार करना चाहिए और निरंतर आगे बढ़ने का प्रयास जारी रखना चाहिए। यही वास्तविक खेल भावना है। उन्होंने कहा कि खेल संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसे जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की जरूरत है। उन्होंने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन खेल शिक्षकों और प्रशिक्षकों को अपनी प्रतिभा एवं क्षमताओं को सामने लाने का अवसर प्रदान करते हैं।

इससे पहले वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश मिश्रा ने अन्य अतिथियों के साथ संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। एलएन मिश्रा कॉलेज ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट के कुलसचिव केएस शेखर ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया। अपने संबोधन में एसएसपी कांतेश मिश्रा ने कहा कि खेल जीवन का अभिन्न अंग है और बच्चों को इससे दूर नहीं रखना चाहिए।

खेल के माध्यम से बच्चों को गलत आदतों से बचाने के साथ नशामुक्ति अभियान को भी मजबूती दी जा सकती है। उन्होंने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को चुनौती बताते हुए कहा कि इस परिस्थिति में खेल शिक्षकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। बच्चों के बीच शिक्षकों के प्रति सम्मान और अनुशासन की भावना होती है, जिसका उपयोग सकारात्मक बदलाव लाने में किया जा सकता है। उन्होंने नशामुक्ति के लिए प्रशासन की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए आम नागरिकों, छात्र समुदाय और जिम्मेदार लोगों से पुलिस के साथ मिलकर सहयोग करने की अपील की।

कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय खेल मनोविश्लेषक कर्नल अरविंद झा ने खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत बनने, अपनी क्षमताओं को पहचानने और लक्ष्य के प्रति संकल्पित रहने के टिप्स दिए। फिटनेस पास के संस्थापक अक्षय वर्मा ने खेल प्रशिक्षकों को नियमित व्यायाम और संतुलित आहार का महत्व समझाया।
उन्होंने कहा कि खेल के क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए शारीरिक फिटनेस बेहद जरूरी है। खिलाड़ियों को मौसम की परवाह किए बिना नियमित कसरत करते रहना चाहिए। वहीं, बिहार खेल प्राधिकरण के उपनिदेशक हिमांशु सिंह ने केंद्र और बिहार सरकार की खेल नीतियों तथा योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने खेलो इंडिया के तहत खेल विकास के लिए 36,000 करोड़ रुपये के आवंटन का उल्लेख करते हुए खेल प्रशिक्षकों से अपने कौशल को बेहतर बनाने और खिलाड़ियों के विकास में पूरा योगदान देने का आह्वान किया।


आईआईटी पटना के खेल निदेशक करुणेश कुमार ने बच्चों की प्रतिभा को निखारने में शारीरिक शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि खेल शिक्षकों को अन्य कार्यों में लगाने के बजाय पूर्णकालिक खेल प्रशिक्षक के रूप में उनकी सेवाएं लेने की जरूरत है, ताकि बच्चों में अनुशासन, संयम और खेल प्रतिभा का विकास हो सके। नवोदय विद्यालय के खेल समन्वयक संजय कुमार ने खेल प्रशिक्षकों के दायित्वों पर प्रकाश डाला। अंतरराष्ट्रीय एथलीट आनंद मेंजिस ने अपने खेल जीवन के अनुभव साझा करते हुए विशेष रूप से किड्स एथलेटिक्स के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए खिलाड़ियों में सकारात्मक सोच और समर्पण की भावना होना जरूरी है।
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— RAJESH GOLTOO (@GOLTOO) November 1, 2026
कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वामी विवेकानंद क्रीड़ा एवं योग संस्थान के अध्यक्ष डॉ. संजय सिन्हा ने की। खेल शिक्षक राजीव कुमार ने मंच संचालन किया, जबकि जिला एथलेटिक संघ के सचिव मृत्युंजय कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। बिहार के करीब आठ जिलों से आए सैकड़ों प्रतिभागियों ने इस आयोजन में भाग लिया। समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए। बिहार स्पोर्ट्स डायलॉग सीजन-2 ने खेल विशेषज्ञों, शिक्षकों और प्रशिक्षकों को खेल विकास, फिटनेस तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार साझा करने का मंच प्रदान किया।

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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