Muzaffarpur 27 April : AES आरडीएस कॉलेज एनएसएस इकाई के तत्वावधान में एनएसएस कार्यकर्ताओं ने पी. एस भीखनपुरा स्कूल में बच्चों के बीच “चमकी को धमकी”जागरूकता अभियान के तहत बच्चों को चमकी बुखार के लक्षण एवं उससे बचाव की जानकारी दी।
प्राचार्य डॉ अमिता शर्मा -“चमकी बुखार एक खतरनाक बीमारी है”
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ अमिता शर्मा ने कहा कि ने “चमकी बुखार एक खतरनाक बीमारी है” जो अत्यधिक गर्मी एवं नमी के मौसम में फैलती है।इससे बचाव के लिए सामाजिक जागरूकता जरूरी है। गर्मी की धमक बढ़नी शुरू हो गई है अतः इसके प्रति सचेत रहने की जरूरत है। स्थिति गंभीर होने पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए।

एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ पयोली ने कहा कि चमकी बुखार को भगाने के लिए इसके लक्षण एवं बचाव के तरीके को जानना जरूरी है। चमकी को धमकी अभियान के तहत गांवों में अभिभावक एवं उनके बच्चों के बीच एनएसएस कार्यकर्ता इसके लक्षण एवं बचाव के तरीके को बताने का काम कर रहे हैं।
परीक्षा नियंत्रक डॉ राजीव कुमार
परीक्षा नियंत्रक डॉ राजीव कुमार ने कहा कि आरडीएस कॉलेज एनएसएस इकाई के छात्र-छात्राएं “चमकी को धमकी” अभियान के तहत गांव गांव जाकर जागरूकता फैला रहे हैं। आरडीएस कॉलेज एनएसएस इकाई सामाजिक जागरूकता के लिए प्रतिबद्ध है।
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— RAJESH GOLTOO (@GOLTOO) April 25, 2023
चमकी बुखार के लक्षण
एन एस एस के छात्र-छात्राओं ने स्कूल के बच्चों एवं अभिभावकों को बताया कि-
चमकी बुखार के लक्षण में तेज बुखार, पूरे शरीर में ऐंठन, बच्चों का सुस्त होना, बेहोश होना और दांत पर दांत लगना है। उन्होंने इससे बचाव के तरीके पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों को रात में भरपेट भोजन एवं हल्का मीठा खिलाना चाहिए। तेज धूप से बचना और दिन में दो बार स्नान जरूरी है। बच्चों को बासी खाना एवं सड़े हुए फल नहीं देना चाहिए। हमेशा स्वच्छ पानी पीने को देना चाहिए। जरूरत पड़े तो ओ.आर.एस देना चाहिए।
मौके पर डॉ पयोली, डॉ राजीव कुमार,सुमन कुमार, पूरण कुमार ठाकुर, सतीश कुमार, अनमोल कुमार, कृष्णा कुमार, डॉ मीनू कुमारी, डॉ इला, डॉ गणेश कुमार शर्मा, डॉ ललित किशोर आदि उपस्थित थे।
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