Headlines

Bihar University Convocation भव्य दीक्षांत समारोह; राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान की अध्यक्षता, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दिया संबोधन

Bihar University Convocation
Advertisements

Muzaffarpur 25 August : B.R.A. Bihar University Convocation छह साल बाद आयोजित दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा रहे मुख्य अतिथि। 8,400 से अधिक पीजी छात्रों को डिग्री, 53 टॉपर को गोल्ड मेडल और 95 शोधार्थियों को पीएचडी, डीएससी और डीलिट प्रमाणपत्र मिला।

B.R.A. Bihar University Convocation

बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (बीआरएबीयू) में सोमवार को छह वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भव्य दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। यह ऐतिहासिक अवसर गौरव और सम्मान का प्रतीक बन गया। समारोह की अध्यक्षता बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने की, जबकि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दीक्षांत संबोधन दिया।

Bihar University Convocation
Bihar University Convocation

समारोह में अकादमिक उत्कृष्टता को सम्मानित करते हुए दो सत्रों के 53 टॉपर छात्रों को गोल्ड मेडल प्रदान किए गए। इसके साथ ही 93 शोधार्थियों को पीएचडी, एक को डीएससी और एक को डीलिट की उपाधि दी गई।

Bihar University Convocation
Bihar University Convocation

विशेष सम्मान के रूप में तीन छात्रों को अलग से गोल्ड मेडल प्रदान किया गया:

  • संजय कुमार – डॉ. रामविहारी सिंह मेमोरियल गोल्ड मेडल इन इकॉनॉमिक्स (2024)
  • माधव मुकुंद मुरारी – प्रो. नवल किशोर प्रसाद सिन्हा मेमोरियल गोल्ड मेडल इन पॉलिटिकल साइंस (2024)
  • आवंतिका डे – प्रो. नवल किशोर प्रसाद सिन्हा मेमोरियल गोल्ड मेडल इन पॉलिटिकल साइंस (2023)

पीएचडी शोधार्थियों को विशेष परंपरा के तहत उनकी सीट पर ही डिग्री प्रदान की गई।

Bihar University Convocation

समारोह की शुरुआत आईक्यूएसी से निकली भव्य शोभायात्रा से हुई, जिसका नेतृत्व कुलसचिव प्रो. समीर कुमार शर्मा ने किया। इस शैक्षणिक यात्रा में विश्वविद्यालय के कुलपति, संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, सीनेट सदस्य और दोनों मुख्य अतिथि शामिल रहे।

Bihar University Convocation

इस बार पीजी सत्र 2021–23 के 3,621 तथा सत्र 2022–24 के 4,810 छात्रों को डिग्री दी गई, जिनमें से 53 गोल्ड मेडलिस्ट रहे।

यह दीक्षांत समारोह केवल डिग्री वितरण नहीं, बल्कि ज्ञान, परिश्रम और सफलता का उत्सव बन गया—जो बीआरएबीयू के स्वर्णिम अध्याय के रूप में हमेशा याद रखा जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *