Muzaffarpur News
Advertisements

Muzaffarpur 29 Auguat : Bihar University Psychology International Conference के दूसरे दिन मुख्य वक्ता के रूप में यूनिवर्सिटी आफ वेरोना, इटली की प्रोफेसर डॉ मार्टा मिलानी ने ऑनलाइन मोड में कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि सांस्कृतिक संवेदनशीलता समावेशिता को बढ़ावा देने का काम करता है। सांस्कृतिक संवेदनशीलता का परिणाम दूसरों की संस्कृतियों और विविध लोगों के प्रति सम्मान, समझ और सकारात्मक अंत: क्रियाओं के रूप में होता है।

Bihar University Psychology International Conference

Bihar University Psychology International Conference

इससे समावेशी और सामंजस्य पूर्ण वातावरण बनता है। प्रोफेशनल डाइवर्सिटी की बाधाएं और चुनौतियों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि विविध कार्यबल न केवल नैतिक रूप से सही है, बल्कि यह उत्पादकता बढ़ाने, नवाचार को बढ़ावा देने और कर्मचारियों में जुड़ाव की भावना पैदा करने में सहायक होता है। मनोविज्ञान के संदर्भ में उन्होंने भावना और पालन पोषण पर भी प्रकाश डाला।

Advertisements
Bihar University Psychology International Conference

डाउन यूनिवर्सिटी असम के क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ आशुतोष श्रीवास्तव ने सांस्कृतिक विविधता और मनोवैज्ञानिक पहलू की चर्चा करते हुए कहा कि वस्तुत: सांस्कृतिक विविधता पहचानों, प्रथाओं और अभिव्यक्तियों की बहुलता को दर्शाता है। इसमें विभिन्न भाषाओं, धर्मो, परंपराओं, रीति-रिवाजों, कलाओं और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वाले लोग शामिल होते हैं। यह समावेशिता और रचनात्मकता को बढ़ावा देती है।

Bihar University Psychology International Conference

विशिष्ट अतिथि वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा के कुलानुशासक व मनोवैज्ञानिक डॉ लाल बाबू सिंह ने कहा कि मनुष्य का व्यवहार उसकी सामाजिक- सांस्कृतिक जड़ों से निर्मित होता है। व्यक्तिवाद और सामूहिकता, तनाव और उपचार आदि संस्कृति के संदर्भ से ही आकार लेती है। उन्होंने मनोवैज्ञानिक अनुसंधान में विविधता और समावेशन को बढ़ावा देने की जरूरत पर प्रकाश डाला।

अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस के संयोजक व मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ रजनीश कुमार गुप्ता ने अकादमिक और तकनीकी सत्र के चेयरपर्सन व उप चेयरपर्सन को अंग वस्त्रम देकर स्वागत किया। शोध पत्र पढ़ने वाले सभी प्रतिभागियों का हौसला अफजाई किया और अनुसंधान के विभिन्न आयामों पर भी प्रकाश डाला।
द्वितीय सत्र में चेयरपर्सन के रूप में डॉ एनएन मिश्रा एवं डॉ आनंद प्रकाश दुबे, डॉ सुबा लाल पासवान और और डॉ निशिकांत ने मनोविज्ञान के विभिन्न पहलुओं और अनुसंधान के आधुनिक पक्ष पर प्रकाश डाला।

Bihar University

कुल छह सत्रों में टेक्निकल और अकादमिक सत्र को चलाया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं के द्वारा ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में एक सौ बीस पत्र पढ़े गए। पूरे देश भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्वान वक्ताओं ने ऑनलाइन मोड में भी प्रतिभागियों को संबोधित किया।शिक्षकों और शोध छात्रों के द्वारा प्रश्न भी पूछे गए।

कॉन्फ्रेंस के अलग-अलग सत्रों का मंच संचालन डॉ सुनीता कुमारी और डॉ तूलिका ने किया। धन्यवाद ज्ञापन उप संयोजक डॉ आभा रानी सिन्हा और डॉ अफरोज ने किया।
इस अवसर पर उप संयोजक प्रो आभा रानी सिन्हा, डॉ विकास कुमार समेत ऑर्गेनाइजिंग कमेटी और एडवाइजरी कमेटी के सदस्य गण मौजूद थे। सैकड़ों की संख्या में मनोविज्ञान विभाग के स्नातकोत्तर के छात्र-छात्राएं एवं शोधार्थी ने भी कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया।

Goltoo

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

Comments are closed.