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BRABU में विश्वविद्यालय विधेयक-2026 के विरोध में शिक्षक-कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी, आठवें दिन भी आधे घंटे का धरना

August 20, 2026 | by Goltoo

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Muzaffarpur 20 August : BRABU और संबद्ध कॉलेजों में विश्वविद्यालय विधेयक-2026 के विरोध में शिक्षक-कर्मचारियों ने आठवें दिन भी आधे घंटे का धरना-प्रदर्शन किया।

BRABU में विश्वविद्यालय विधेयक-2026 के विरोध में शिक्षक-कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी

बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) और उससे संबद्ध विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने प्रस्तावित विश्वविद्यालय विधेयक-2026 के विरोध में गुरुवार को भी आधे घंटे का धरना-प्रदर्शन किया। बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर चल रहे चरणबद्ध आंदोलन के तहत कार्यदिवस के आठवें दिन विश्वविद्यालय विभागों और कॉलेजों में कर्मचारी एकत्र हुए और विधेयक के विरोध में नारे लगाकर अपनी एकजुटता दिखाई।

स्वायत्तता के मुद्दे पर तेज हुआ आंदोलन

संघर्ष मोर्चा के अनुसार प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 से राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की स्वायत्तता प्रभावित होने की आशंका है। इसी मुद्दे को लेकर 11 अगस्त से 25 अगस्त तक प्रतिदिन दोपहर 1:30 बजे से 2:00 बजे तक अपने-अपने कार्यस्थलों पर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।

BRABU में विश्वविद्यालय विधेयक-2026 के विरोध में शिक्षक-कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी
BRABU में विश्वविद्यालय विधेयक-2026 के विरोध में शिक्षक-कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी

BRABU के विश्वविद्यालय विभागों के साथ-साथ विभिन्न महाविद्यालयों में भी शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी निर्धारित समय पर एकत्र होकर विरोध दर्ज करा रहे हैं। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बनाए रखने और प्रस्तावित विधेयक पर पुनर्विचार की मांग उठाई।

संघर्ष मोर्चा ने जताया आभार

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के संयोजक मंडल के सदस्य डॉ. सुनील कुमार सिंह, प्रो. रमेश प्रसाद गुप्ता, प्रो. ललन कुमार झा, राजीव कुमार और राम कुमार ने आंदोलन में लगातार मिल रहे सहयोग के लिए सभी शिक्षकों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि तीसरे चरण का आंदोलन लगातार गति पकड़ रहा है और सभी कर्मचारियों की एकजुटता इस संघर्ष को मजबूती प्रदान कर रही है।

आंदोलन जारी रखने की अपील

संघर्ष मोर्चा के नेतृत्वकारी सदस्यों ने शिक्षकों और कर्मचारियों से राज्यव्यापी आंदोलन में आगे भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ शामिल रहने की अपील की। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय समुदाय की एकजुटता ही प्रस्तावित विश्वविद्यालय विधेयक-2026 के विरोध को प्रभावी बना सकती है और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता की रक्षा सुनिश्चित कर सकती है।

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