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छपरा जहरीली शराब कांड अब तक 53 मौत, थाने का स्पिरिट गायब?

SKJ Law College
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Patna 16 December : छपरा में अब तक 53 लोगों की मौत हो चुकी है और इसकी जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है. मौत का आंकड़ा हर घंटे बदलता गया. आखिरकार ये नौबत कैसे आई.जहरीली शराब बनाने के सामग्री कहाँ से सप्लाई किये गए. बताया जा रहा है थाने से स्पिरिट का कंटेनर ही गायब है.कथित रूप से इसी स्पिरिट से जहरीली शराब बनाने का काम हुआ जिसे पीने से 53 लोग मारे गए और आँखों की रौशनी खोई है. शराब से मौत के आंकड़े बढ़ने के आसार,कई लोगों का इलाज चल रहा अस्पताल में.


ग्रामीणों ने स्पिरिट गायब होने का प्रमाण एक वीडियो बनाकर उत्पाद विभाग अधिकारीयों को भेजा है जिसमे कंटेनर से स्पिरिट गायब दिख रहा. थाने में पड़े जब्त स्प्रिट के ड्रम के ढक्कन खुले थे और स्प्रिट अंदर से गायब थे. माना जा रहा है की इसी स्पिरिट का उपयोग जहरीली शराब बनाने के लिए हुआ है. मरनेवालों में सबसे ज्यादा मशरक के १७,अमनौर और मढ़ौरा के हैं.मरने वालों में शराब बेचने वाले भी हैं. खानापूर्ति के नाम पर प्रसाशन ने थानेदार और चौकीदार को ससपेंड कर दिया है. मढ़ौरा के डीएसपी इंद्रजीत बैठा का तबादला किया गया है. 126 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.


इधर बिहार के मुख्यमंत्री का कहना है की जो शराब पियेगा वो मरेगा.दो दिन पूर्व भी शराब कांड पर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ जिसमे सीएम नितीश कुमार आगबबूला हो गए थे बीजेपी विधायकों पर. उन्होंने एक सर्वे का हवाला देते बताया था की एक करोड़ 65 लाख लोगों ने शराब छोड़ दिया है. शराब बंदी कानून को और कड़े करने के निर्देश दिए हैं.

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आखिरकार शराबबंदी एक खानापूर्ति होकर रह गई है. असली और नकली शराब दोनों की आपूर्ति पहले से सुगम है. प्रसाशन और बिहार का हर व्यक्ति जानता है शराब कैसे मंगा सकते हैं. ये अलग बात है की सभ्रांत जनता पीने के बाद घर से निकलती नहीं और महंगे शराब पीती है(पर आती कैसे है?). गरीब जनता सस्ते नशे के चक्कर में नकली जहरीली शराब के शिकार बन रहे हैं.

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