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सेवा समायोजन की मांग को लेकर सुबे के सभी विश्वविद्यालयों के Guest Faculty अतिथि प्राध्यापक सरकार के समक्ष देंगे धरना

Guest Faculty अतिथि प्राध्यापक सरकार के समक्ष देंगे धरना Guest Faculty अतिथि प्राध्यापक सरकार के समक्ष देंगे धरना
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Patna 14 February : बिहार राज्य विश्वविद्यालय अतिथि सहायक प्राध्यापक संघ के आह्वान पर बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर के Guest Faculty अतिथि प्राध्यापक 16 फरवरी को पटना में धरना देंगे।

Guest Faculty अतिथि प्राध्यापक सरकार के समक्ष देंगे धरना

इस बाबत बिहार विश्वविद्यालय अतिथि प्राध्यापक संघ ने बैठक कर 16 तारीख को पटना में प्रस्तावित धरना में भाग लेने का निर्णय लिया है।
*बैठक में सभी कॉलेजों के पुरुष एवं महिला प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
*सभी अतिथि प्राध्यापकों से अपील किया गया कि वे भारी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज करायें।
*बैठक में अतिथि शिक्षकों की सेवा नियमितीकरण और 65 वर्ष तक निर्बाध सेवा सुनिश्चित करने की मांग जोर-शोर से उठाई गई।
*संघ ने कहा कि हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों की तर्ज पर बिहार में भी अतिथि शिक्षकों के लिए स्पष्ट और स्थाई सेवानीति बनाई जानी चाहिए।

Guest Faculty अतिथि प्राध्यापक सरकार के समक्ष देंगे धरना
Guest Faculty अतिथि प्राध्यापक सरकार के समक्ष देंगे धरना

बैठक को संबोधित करते हुए संघ के महासचिव डॉ राघव कुमार ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपेक्षा है कि वे नीति में परिवर्तन कर विश्वविद्यालय अतिथि शिक्षकों का स्थाई समायोजन सुनिश्चित करें। अतिथि शिक्षक लगभग 6 वर्षों से गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक माहौल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

संघ के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ नितेश कुमार ने कहा कि अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति यूजीसी और बिहार सरकार के नियमों तथा आरक्षण प्रावधानों का पालन करते हुए विश्वविद्यालय चयन समिति द्वारा की गई है। ऐसे में अतिथि शिक्षकों की सेवा स्थाई करना न्याय संगत कदम होगा।

संघ के संयोजक डॉ सर्वेश्वर कुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी और कोरोना महामारी जैसे कठिन समय में भी अतिथि शिक्षकों ने जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ शिक्षा व्यवस्था को संभालने का काम किया है। पठन-पाठन के अलावा विश्वविद्यालय एवं कॉलेजों द्वारा सौपे गए अन्य दायित्वों का भी उन्होंने पूरी जवाबदेही से निर्वहन किया है। इसलिए सरकार को उनकी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करना चाहिए।

बैठक को संघ के अध्यक्ष डॉ ललित किशोर, डॉ राकेश कुमार, डॉ राकेश रंजन, डॉ नितेश, डॉ सर्वेश्वर, डॉ राघव, डॉ मौमिता बनर्जी, डॉ चित्रलेखा, डॉ लालजी यादव, डॉ दिगंबर झा, डॉ भानु, डॉ विपिन, डॉ शांतनु, डॉ रंजीत, डॉ रामकृष्ण, डॉ मयंक, डॉ अविनाश झा, डॉ संजय कुमार यादव, डॉ रवि भूषण, डॉ दिव्या, डॉ चित्रलेखा, डॉ मीनू समेत सभी कॉलेज प्रतिनिधियों ने संबोधित किया।

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