Muzaffarpur 4 October : Lohar Kalyan Samiti Bihar लोहार कल्याण समिति बिहार प्रदेश के अध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार शर्मा ने बिहार सरकार द्वारा जाति आधारित गणना 2022 का जातिवार जारी रिपोर्ट पर आपत्ति जताया है। रिपोर्ट में जातियों का संख्या या अनुपात जो बताया गया है वह कोड संख्या के आधार पर है।एक ही जाति का दो दो कोड जैसे हलवाई और कानू का अलग-अलग कोड तो वैश्य में कई जाति को मिलाकर एक ही कोड संख्या था।
विदित हो कि लोहार जाति का मूल जाति के रूप में सूचीबद्ध नहीं करने और स्वतंत्र कोड नहीं होने के कारण बिहार के अधिकतर लगभग 80% लोहार ने गणना में भाग नहीं लिया विरोध किया।कोड संख्या 13 पर कमार (लोहार, कर्मकार) और 177 पर लोहारा, लोहरा था। ऐसे में जो गणना करवाया उसमें भी कुछ ने 13 पर तो कुछ ने 177 पर। ऐसे में बिहार सरकार को लोहार जाति का सही आंकड़ा संग्रहित नहीं हो पाया है। फिर भी बिहार सरकार ने लोहार का संख्या 0.065% बताया है। ऐसे में जो लोहार गणना में अपना विवरण नहीं दिया जाति नहीं बताया आखिर उसका विवरण कैसे प्राप्त हुआ।
Lohar Kalyan Samiti Bihar
बिहार सरकार ने ही 2010/11 में हुए ए एन सिन्हा इंस्टीट्यूट के इथनोग्राफी रिपोर्ट में कराया जिसमें बिहार में लोहारा लोहरा नहीं पाया गया फिर 2022 में इनका संख्या कहां से आ गया। रिपोर्ट में कमार का संख्या नहीं बताया गया है और जबकि जाति आधारित गणना की सूची में 13 पर मूल जाति के रूप में था और व्राइकेट के लोहार की संख्या बताई गई है।जो समझ से परे है।

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Lohar Kalyan Samiti Bihar लोहार ही मूल जाति
आंकड़े में यह भी बताया गया है कि 1931 में बंगाल, बिहार, उड़िसा एक राज्य था तो लोहार लगभग 1.3% था।अलग होने पर लोहार का संख्या घटा बिहार में।इसका मतलब है कि लोहार लोहारा लोहरा एक ही है तभी तो उड़िसा को अलग होने पर संख्या घटी है। क्योंकि उड़िसा, झारखंड में लोहारा लोहरा है लोहार सिर्फ़ बिहार में पाया जाता है। लोहार उस समय भी उसी भूभाग में थे जहां आज है। बिहार में कमार (लोहार, कर्मकार) का संख्या आंशिक है।मूल लोहार को बिहार सरकार कमार में जोड़कर कमार (लोहार कर्मकार) में जबरन समाहित करना चाहती है। इसलिए लोहार गणना में भाग नहीं लिया। ऐसे में लोहार का संख्या या अनुपात का आंकड़ा सही नहीं है।कमार का संख्या और अनुपात नहीं बताया गया है इससे साफ होता है कि लोहार ही मूल जाति है।
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ऐसे में बिहार सरकार से मांग है कि आप लोहार को मूल जाति मानें जबरन कमार में समाहित करके लोहार का अस्तित्व मिटाने का कुचक्र नहीं रचें।
Lohar Kalyan Samiti Bihar गणना शत प्रतिशत नहीं
लोहार समाज का गणना शत प्रतिशत नहीं हुआ है। ऐसे में लोहार का संख्या संदेहास्पद है। लोहार किसी भी सूरत में कमार का उप जाति होना स्वीकार नहीं करेगा।
बैठक में मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष राधेश्याम ठाकुर , नगर अध्यक्ष शिवप्रसाद शर्मा , रमेश ठाकुर , अरुण कुमार शर्मा, अरुण कुमार ठाकुर, उमेश शर्मा, दिनेश ठाकुर, दयालु शर्मा, रामाधार ठाकुर, रामनाथ ठाकुर, अनील कुमार ठाकुर आदि मौजूद थे।
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Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।