Muzaffarpur News
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Muzaffarpur 26 July : आज LS College सभागार में कारगिल युद्ध के दौरान सशस्त्र बलों की वीरता और बलिदान के सम्मान में कारगिल विजय दिवस की रजत जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई.

LS College में कारगिल विजय दिवस

कॉलेज की राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) इकाई के इस आयोजन का उद्देश्य छात्रों में देशभक्ति और स्मरण की भावना पैदा करना था. अध्यक्षता करते हुए लंगट सिंह कॉलेज में प्राचार्य प्रो ओमप्रकाश राय ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बल के सैनिकों ने अदम्य शौर्य और साहस दिखाते हुए जिस तरह हजारों फिट की ऊंचाई पर पाकिस्तानी सेना को खदेड़ा और अपनी जमीन उनके कब्जे से वापस ली ये शौर्यगाथा इतिहास में सुनहरे पन्नों में अंकित है. पाकिस्तानी सेना ने घुसपैठ कर जिन जगहों पर कब्जा कर लिया था, भारत के जांबाज फौजियों ने उन दुर्गम स्थानों पर दोबारा 26 जुलाई को ही तिरंगा फहराया था.

LS College में कारगिल विजय दिवस
LS College में कारगिल विजय दिवस

प्रो राय ने कहा भारतीय सैनिकों द्वारा किए गए बलिदानों को याद करने के और छात्रों के बीच देश के प्रति सम्मान और प्रेम की भावना पैदा करने की आवश्यकता है. उन्होंने रक्षा अनुसंधान के क्षेत्र में और अधिक जोर दिए जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि भारत के रक्षा क्षेत्र में आयात को कम करने और स्वदेशी तकनीकी की विश्वस्तरीय बनाने की जरूरत है.

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मुख्य अतिथि, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो अमरेंद्र नारायण यादव ने कारगिल युद्ध के नायकों की बहादुरी और वीरता को भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि तीन बार हमसे बुरी तरह हारने के बाद भी पाकिस्तान सीमा पर अपने नापाक हरकतों से बाज नही आ रहा है. भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ा गया कारगिल युद्ध, भारत-पाक संघर्षों के जटिल इतिहास में हमेशा एक ज्वलंत अध्याय के रूप में देखा जाता है.

LS College में कारगिल विजय दिवस
LS College में कारगिल विजय दिवस

कॉलेज के एनसीसी अधिकारी डॉ राजीव कुमार ने कैडेट्स को कारगिल विजय की बारीकियों से अवगत कराते हुए कहा कि कारगिल युद्ध में पाकिस्तानी सशस्त्र बलों और कश्मीरी आतंकवादियों के घुसपैठियों ने कारगिल सेक्टर में भारत के नियंत्रण वाले रणनीतिक ऊंचाइयों पर कब्जा कर लिया था, जहां सियाचिन ग्लेशियर की लाइफलाइन एनएच-1 डी है, को किसी तरह काटकर उस पर कब्‍जा करना चाहता था लद्दाख की ओर जाने वाली रसद के काफिलों की आवाजाही को रोक सके और भारत को मजबूर होकर लेह और सियाचिन छोड़ना पड़े.

इंग्लिश विभागाध्यक्ष प्रो एसआर चतुर्वेदी ने कहा कि इस युद्ध में भारतीय सेना ने कारगिल में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ एक लंबी और कठिन लड़ाई लड़ी, जिसमें कई अधिकारियों और जवानों ने शहादत दी. प्रो अरविंद कुमार ने भी कारगिल में शहीद हुए वीर जवानों को अपनी श्रद्धांजलि दी. समारोह में एनसीसी कैडेटों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित कई गतिविधियाँ कीं, जिसमें देशभक्ति के गीत, और नृत्य प्रदर्शन शामिल थे, जो कारगिल युद्ध की विशेषता वाली एकता और बहादुरी की भावना को दर्शाते थे.

कार्यक्रम में प्राचार्य प्रो राय ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को मेडल देकर सम्मानित भी किया. मौके पर डॉ ऋतुराज कुमार, डॉ राजेश्वर कुमार, डॉ मुस्तफिज़ अहद, डॉ शशिभूषण पांडे, डॉ तथागत बनर्जी, डॉ एसएन अब्बास, डॉ अनामिका आनंद, डॉ नवीन कुमार, डॉ इम्तियाज, रजनीश कुमार , सत्येंद्र कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।

Goltoo

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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