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LS College गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की 83वीं पुण्यतिथि

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Muzaffarpur 6 August : LS College द्वारा आईक्यूएसी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर को उनकी 83वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धापूर्वक याद किया गया.

LS College गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर

प्राचार्य प्रो ओमप्रकाश राय द्वारा सहयोगियों के साथ उनके चित्र पर माल्यार्पण कार्यक्रम की शुरुआत की गई. मौके पर प्राचार्य प्रो ओमप्रकाश राय ने कहा कि गुरुदेव को साहित्यकार, चित्रकार, संगीतकार, समाज सुधारक और शिक्षाविद के रूप में देश और विदेशों में प्रसिद्धि प्राप्त हुई . साहित्य और संस्कृति में उनके योगदान को इस बात से भी समझ सकते हैं कि गुरुदेव की दो रचनाएं दो देशों का राष्ट्रगान बनी.

LS College गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की 83वीं पुण्यतिथि
LS College गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की 83वीं पुण्यतिथि

भारत और बांग्लादेश के राष्ट्रगान गुरुदेव की रचनाएं ही हैं. भारत का ‘जन गण मन…’ और बांग्लादेश का ‘आमार सोनार बांग्ला…’ गुरुदेव की ही रचना है. उन्होंने शांतिनिकेतन के रूप में ऐसा प्रायोगिक शिक्षण केंद्र शुरू किया, जो आज शैक्षणिक महत्ता के उच्च प्रतिष्ठित संस्थानों में गिना शुमार है तथा यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया है. उनके द्वारा रचित गीतों में हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत की परंपरा और बंगाल की संस्कृति की झलक इन गीतों में स्पष्ट नजर आती है.

आईक्यूएसी समन्वयक प्रो एसआर चतुर्वेदी ने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर की कहानियों और कविता की सूक्ष्म प्रतिभा ने दुनियाभर में अपनी एक अमिट छाप छोड़ी है. वह एक बहुआयामी प्रतिभा की शख्सियत के मालिक थे. रवींद्रनाथ टैगोर पहले ऐसे गैर-यूरोपीय व्यक्ति थे जिन्हें कविता ‘गीतांजलि: सॉन्ग ऑफरिंग्स’ के लिए साहित्य में नोबेल पुरस्कार मिला था. मौके पर प्रो गोपालजी, प्रो शैलेंद्र सिन्हा, डॉ शशिकांत पाण्डेय, डॉ एसएन अब्बास, डॉ नवीन कुमार, डॉ इम्तियाज, रोहन कुमार, राहुल कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।

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