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MDDM College में शुक्रवार को प्रेमचंद जयंती समारोह आयोजित हुआ

August 1, 2026 | by Goltoo

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Muzaffarpur 1 July : MDDM College में शुक्रवार को प्रेमचंद जयंती समारोह आयोजित हुआ.

MDDM College में प्रेमचंद जयंती

अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रभारी डॉ अनुराधा सिंह ने कहा कि प्रेमचंद जनता के कथाकार के थे। उनकी कहानी में आम जन की संवेदना निहित है। मुख्य अतिथि के रूप में महाविद्यालय की परीक्षा नियंत्रक डॉ निशिकांति ने कहा कि प्रेमचंद युगबोध के साहित्यकार थे। युगीन विडंबना और विसंगति उनके साहित्य में विद्यमान है।

MDDM College के स्नात्तकोत्तर हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ राकेश रंजन ने प्रेमचंद के रचनात्मक और वैचारिक वैविध्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रेमचंद का यथार्थवाद केवल सामाजिक नहीं, बल्कि गहराई से नैतिक भी था।सहानुभूति और नैतिक आत्मपरीक्षण के माध्यम से उन्होंने समाज के उपेक्षित, अनादृत, शोषित और पीडित जनों का चित्र खींचा है। डॉ नूतन कुमारी ने कहा कि प्रेमचंद के साहित्य में दलित विमर्श का बीज मिलता है।

MDDM College में प्रेमचंद जयंती
MDDM College में प्रेमचंद जयंती

डॉ रिंकु कुमारी ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य संघर्षों से भरा पडा है। इनमें नारी विमर्श का प्रारंभिक स्वरूप दिखता है। डॉ राम दुलार सहनी ने प्रेमचंद का परिचय देते हुए कहा कि प्रेमचंद हिंदी साहित्य के ऐसे कथाकार हैं जिन्होंने हिदी कथा साहित्य को नयी दिशा दी।

स्नातकोत्तर की दिव्य लता ने कहा कि प्रेमचंद के चित्रों की पूजा के साथ उनके चरित्र और उनके कृतित्व को भी अपनाने की आवश्यकता है। पंचम सेमेस्टर की छात्र कुमारी तान्या ने प्रेमचंद की प्रमुख कहानियों के प्रमुख संवादों का पाठ किया और बतलाया कि सामाजिक सच अभिव्यक्ति किस कदर हुई है। चाँदनी ने प्रेमचंद का सामान्य परिचय देते हुए कहा कि प्रेमचंद हिंदी के आदर्श कथाकार हैं। इनके अलावा अंजलि कुमारी, भूमिका चंद्रा, रीता कुमारी, निधि कुमारी, नितांजलि कुमारी, पार्वती कुमारी, कृति कुमारी ने अपने विचार व्यक्त किये।


सर्वप्रथम प्रेमचंद के चित्रों पर पुष्पांजलि शिक्षकों और छात्राओं द्वारा हुई।

मंच संचालन छात्रा कुमारी तान्या ने किया और धन्यवाद ज्ञापन स्नातकोत्तर की छात्रा अंजलि कुमारी ने किया।
मौके पर महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मी और छात्राएँ मौजूद थीं।

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