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MDDM College में विश्व दार्शनिक दिवस पर सेमिनार का आयोजन

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Muzaffarpur 22November : विश्व दर्शन दिवस के अवसर पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन MDDM College महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग के तत्वाधान में किया गया जिसकी अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. (डॉ.) अल्का जायसवाल ने विश्व दर्शन दिवस पर दर्शन की प्रासंगिकता को संदर्भित करते हुए अपने विचार को व्यक्त किया।

MDDM College में सेमिनार

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो.( डॉ.) श्यामल किशोर, प्राचार्य रामेश्वर महाविद्यालय ने दर्शन का जीवन तथा विभिन्न विषयों में योगदान की विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि मनुष्य को मनुष्य बनाए रखने में दर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वर्तमान समय में दर्शन का विकास व्यावहारिक दर्शन और व्यावहारिक नीतिशास्त्र के रूप होना दर्शन को और प्रासंगिक बनाता है। उनका कथन था- ज्ञान को समावेशी और टिकाऊ होना चाहिए। भारतीय परंपरा और पाश्चात्य परंपरा के अंतर पर भी विस्तार से चर्चा की। डॉ. रजनी रंजन सर ने भी दर्शन सभी व्यक्तियों को क्यों पढ़ना चाहिए, इस पर विस्तार से चर्चा की।

MDDM College में विश्व दार्शनिक दिवस पर सेमिनार का आयोजन


दर्शनशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्षा प्रो. (डॉ) किरण झा ने इस विशेष अवसर पर सभी अतिथियों और प्राचार्य महोदया का स्वागत पुष्पगुच्छ, स्मृति चिन्ह और शाँल भेंट कर की। विषय प्रवेश में विश्व दर्शन दिवस क्यों मनाना शुरू हुआ, इस पर विस्तार से चर्चा की।
इस कार्यक्रम में मंच संचालन का कार्य डॉ. नेहा रानी ने बहुत ही सफल और सरल ढंग से की और बताया कि समावेशी और टिकाऊ भविष्य मात्र दूर का कोई आदर्श नहीं है, बल्कि सतत प्रयास से संभव है।
धन्यवाद ज्ञापन का कार्य डॉ. सुरबाला वर्मा ने किया। इस कार्यक्रम में एस. आर. पी. एस. कॉलेज जैतापुर की दर्शनशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. रूपम कुमारी की भी उपस्थिति रही।
इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के विभिन्न विभाग के शिक्षक और शिक्षिकाओं की उपस्थिति रही। प्रो. विनीता झा, प्रो. सरोज, डॉ. स्वस्ति, डॉ. निशि कांति, डॉ. नील रेखा, डॉ. आशा, डॉ. नूतन, डॉ. सदफ, डॉ. रिंकू, डॉ. शगुफ्ता नाज़, डॉ. प्रियम फ्रांसिस, डॉ. आभा, डॉ. मधुसूदन, डॉ. सरिता, डॉ. अनुराधा, डॉ. कुमारी आभा, डॉ. सजीव, डॉ. अर्चना, डॉ. रामदुलार आदि शिक्षक शिक्षिकाओं की गरिमामय उपस्थिति रही।

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