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Muzaffarpur में बूढी गंडक रिवर फ्रंट का होगा विस्तार, मुक्तिधाम से आश्रम घाट तक होगा सौंदर्यीकरण

July 8, 2026 | by Goltoo

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700 मीटर और बढ़ेगी रिवर फ्रंट की लंबाई, बनेगा 900 मीटर का वॉकिंग ट्रैक, घाटों पर मिलेगी आरती और पार्किंग की सुविधा

Muzaffarpur 8 July : Muzaffarpur में बूढी गंडक रिवर फ्रंट का होगा विस्तार, मुक्तिधाम से आश्रम घाट तक होगा सौंदर्यीकरण में बूढी गंडक रिवर फ्रंट का विस्तार होगा। मुक्तिधाम से आश्रम घाट तक सौंदर्यीकरण, 900 मीटर वॉकिंग ट्रैक, पार्किंग और ग्रीन ज़ोन विकसित होंगे।

Muzaffarpur में मुक्तिधाम से आश्रम घाट तक होगा सौंदर्यीकरण

शहर की पहचान बनने जा रहे Muzaffarpur में बूढी गंडक रिवर फ्रंट का होगा विस्तार, मुक्तिधाम से आश्रम घाट तक होगा सौंदर्यीकरण बूढी गंडक रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट को अब नया स्वरूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। सिकंदरपुर स्थित बूढी गंडक नदी पर प्रस्तावित रिवर फ्रंट परियोजना के तहत मुक्तिधाम (श्मशान घाट) से आश्रम घाट तक सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इस विस्तार के बाद रिवर फ्रंट की कुल लंबाई लगभग दो किलोमीटर हो जाएगी। परियोजना के लिए नियुक्त कंसल्टेंसी एजेंसी ने अपनी फिजिबिलिटी रिपोर्ट संबंधित विभाग को सौंप दी है।

Muzaffarpur में बूढी गंडक रिवर फ्रंट का होगा विस्तार, मुक्तिधाम से आश्रम घाट तक होगा सौंदर्यीकरण
Muzaffarpur में बूढी गंडक रिवर फ्रंट का होगा विस्तार, मुक्तिधाम से आश्रम घाट तक होगा सौंदर्यीकरण

रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान योजना में करीब दो किलोमीटर क्षेत्र का सौंदर्यीकरण किया जाएगा, जबकि भविष्य में इसे और आगे बढ़ाने की संभावना भी खुली रखी गई है। परियोजना के तहत लगभग 900 मीटर लंबा वॉकिंग ट्रैक विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को सुबह-शाम टहलने और स्वास्थ्य गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधा मिल सकेगी। इसके साथ ही नदी तट को आधुनिक और आकर्षक स्वरूप देने की दिशा में कई अन्य विकास कार्य भी प्रस्तावित हैं।

कंसल्टेंसी एजेंसी ने परियोजना तैयार करने से पहले अहमदाबाद के साबरमती रिवर फ्रंट, वाराणसी और पटना रिवर फ्रंट सहित कुछ अंतरराष्ट्रीय मॉडलों का अध्ययन किया। इसके अलावा बूढी गंडक नदी के घाटों और आसपास के क्षेत्रों का विस्तृत निरीक्षण कर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार योजना तैयार की गई है।

परियोजना के अंतर्गत वाहनों के लिए पार्किंग स्थल, ग्रीन ज़ोन, बच्चों के लिए पार्क, हरियाली से युक्त खुले क्षेत्र तथा घाटों तक जाने वाले मार्गों का भी विकास किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आरती स्थल, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ पर्यटन और मनोरंजन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

गौरतलब है कि इससे पहले बूढी गंडक पर प्रस्तावित करीब छह किलोमीटर लंबे रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट को वर्ष 2024 में खारिज कर दिया गया था। इसके बाद नई परिस्थितियों और व्यावहारिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए संशोधित योजना तैयार की गई है। यदि यह परियोजना स्वीकृत होती है तो Muzaffarpur में बूढी गंडक रिवर फ्रंट का होगा विस्तार, मुक्तिधाम से आश्रम घाट तक होगा सौंदर्यीकरण को एक आधुनिक, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल नदी तट की सौगात मिलेगी।

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