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RDS College में विश्व दार्शनिक दिवस पर व्यख्यान का आयोजन

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Muzaffarpur 22 November : दिनांक 22/11/2025 को RDS College में स्नातकोत्तर दर्शनशास्त्र विभाग एवं आई.क्यु.ए.सी के संयुक्त तत्वावधान में विश्व दर्शन दिवस के उपलक्ष्य में एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस व्याख्यान का मुख्य विषय “भारतीय दर्शन में नीतिशास्त्र -ऋत से राजनीति तक”था। विश्व दर्शन दिवस प्रत्येक वर्ष नवंबर माह के तीसरे गुरूवार को यूनेस्को द्वारा मनाया जाता है जो विश्व भर के दार्शनिकों के सम्मान में मनाया जाता है।

RDS College में पर व्यख्यान का आयोजन


कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय परंपरा अनुसार दीप प्रज्वलन कर की गई। उसके उपरांत विद्यालय की ओर से मुख्य वक्ता प्रोफेसर निखिल रंजन प्रकाश तथा विशिष्ट वक्ता डॉ. रेणूबाला का सम्मान प्राचार्य महोदय द्वारा अंग वस्त्र, स्मृति चिन्ह तथा तुलसी के पौधे से किया गया।
स्वागत के बाद आर. डी. एस.महाविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ अनुराधा पाठक जी द्वारा संपादित पुस्तक “आधुनिक भारतीय दार्शनिक -भाग एक का विमोचन किया गया। पुस्तक परिचय आई.क्यू.ए.सी. कोऑर्डिनेटर डॉ रजनीकांत जी ने दिया।

RDS College में विश्व दार्शनिक दिवस पर व्यख्यान का आयोजन
RDS College में विश्व दार्शनिक दिवस पर व्यख्यान का आयोजन


तत्पश्चात दर्शनशास्त्र विभाग अध्यक्ष डॉ अनुराधा पाठक जी ने स्वागत भाषण से सबका अभिनंदन किया तथा विषय प्रवेश किया।
विशिष्ट वक्ता के रूप में आर.बी.बी.एम. कॉलेज, मुजफ्फरपुर के दर्शनशास्त्र विभाग अध्यक्ष डॉ रेनू बाला जी ने अपना वक्तव्य रखा। उन्होंने ऋत से राजनीति तक विषय पर अपने व्याख्यान के संबंध में वेदों के लोक कल्याणकारी विषय पर प्रकाश डाला तथा कहा की नीतिशास्त्र का आधार दायित्व बोध ही है। उन्होंने कहा कि ‘आत्मनो मोक्षा जगत् हिताय च’ के सूत्र को आत्मसात करने की आवश्यकता है। भारतीय नीति शास्त्र सन्यास और संसार में पूर्ण सामंजस्य की बात करता है। राजा को धर्म,अर्थ,काम के सामंजस्य से विजयी होना चाहिए तथा अपनी प्रजा पर शासन करना चाहिए।ऋत आधारित राजनीति होनी चाहिए दंड का उपयोग सुधारवादी होना चाहिए ।

RDS College में विश्व दार्शनिक दिवस पर व्यख्यान का आयोजन

इसके उपरांत मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित बी. आर. ए. बिहार विश्वविद्यालय,मुजफ्फरपुर के विभागाध्यक्ष प्रो. निखिल रंजन प्रकाश जी ने ऋत के संबंध में अपना व्याख्यान देते हुए कहा कि ऋत अदृश्य है लेकिन हमारे समक्ष धर्म रूप में है। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय सांस्कृतिक परंपरा बांटकर देखने की नहीं है,यह तो समरूप भाव से सबको साथ लेकर आगे बढ़ती है। भारत में जिस प्रकार सब कुछ नीति पर आधारित है इस प्रकार ऋत और राजनीति भी है।अस्तित्व का आधार ऋत है जो दिखता नहीं है। वही सत्य है।जिस प्रकार धर्मयुद्ध में कुरुक्षेत्र के बीच अर्जुन को विराट रूप में श्री कृष्ण ने प्रवचन दिया वह भी ऋत ही था। वर्तमान परिदृश्य में राजनीति ऋत त्याग कर अधोगामी हो गई है जबकि भारतीय परंपरा में सर्वदा से राजनीति नीतिशास्त्र और कर्तव्य केंद्रित रही है।

RDS College में विश्व दार्शनिक दिवस पर व्यख्यान का आयोजन


विशिष्ट वक्ता और मुख्य वक्ता के व्याख्यान के बाद छात्र-छात्राओं द्वारा प्रश्न किये गये जिसका विद्वान वक्ताओं द्वारा उत्तर दिया गया।
प्रश्नोत्तरी के बाद अध्यक्षीय भाषण देते हुए RDS College के महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. शशि भुषण कुमार जी ने दोनों विद्वानों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि धन्य है हमारा भारतीय समाज जिसने ऐसे ऋषि मनिषियों को जन्म दिया जिनके बताएं मार्ग पर हम सभी निरंतर आगे बढ़ सकते हैं‌ अपना भौतिक विकास करने के साथ साथ आध्यात्मिक विकास भी कर सकते हैं। प्राचार्य महोदय ने कहा कि राजनीति को नीति के आलोक में देखना निश्चित रूप से समाज का पथ प्रदर्शक करने वाला होगा।
अंत में महाविद्यालय के डॉ. रजनीकांत जी (अध्यक्ष, राजनीति शास्त्र) ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
राष्ट्रगान और अल्पाहार के उपरांत कार्यक्रम समाप्त हुआ।इस एकदिवसीय व्याख्यान कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के ही दर्शनशास्त्र की आचार्या डॉ स्नेहलता ने किया।
इस अवसर पर अंग्रेजी की आचार्य प्रोफेसर अनिता सिंह सहित अंग्रेजी विभाग के सभी आचार्य, हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ रमेश कुमार, इतिहास के आचार्य संजय सुमन, डॉ आएशा, डॉ कृतिका, डॉ मीनू, डॉ सौरभ राज, डॉ राजीव कुमार, डॉ भगवान जी, डॉ आलोक, डॉ हसन रजा सहित सभी विभागों के आचार्य गण उपस्थित रहें।
साथ ही शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की भी एवं छात्र-छात्राओं की उपस्थिति अत्यंत उत्साहवर्धक रही तथा लगभग दो सौ छात्र-छात्राओं ने इस व्याख्यान कार्यक्रम में भाग लिया।

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