Muzaffarpur 24 October : मुजफ्फरपुर के SKJ Law College में डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती मनाई गई। ‘दीप जो बुझा नहीं’ पुस्तक का विमोचन और नियमित कक्षाओं की मांग उठी।
SKJ Law College में मनाई गई बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती, ‘दीप जो बुझा नहीं’ पुस्तक का विमोचन
मुजफ्फरपुर स्थित SKJ Law College में बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री और आधुनिक बिहार के निर्माता बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। बुधवार को आयोजित समारोह में जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनके राष्ट्रनिर्माण, शिक्षा, सामाजिक न्याय और औद्योगिक विकास में योगदान को याद किया। इस अवसर पर कॉलेज के संस्थापक सचिव-सह-प्रथम अध्यक्ष स्वर्गीय ललितेश्वर प्रसाद शाही के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘दीप जो बुझा नहीं: ललितेश्वर प्रसाद शाही’ का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति और नियमित कक्षाओं के संचालन का मुद्दा प्रमुखता से उठा।

राष्ट्रनिर्माण में श्रीबाबू का योगदान अविस्मरणीय
समारोह की शुरुआत कॉलेज परिसर में स्थापित डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद सेमिनार हॉल में दीप प्रज्वलन और स्वागत गान के माध्यम से कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। रुन्नीसैदपुर के विधायक पंकज मिश्रा मुख्य अतिथि तथा मुजफ्फरपुर नगर विधायक रंजन कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के अध्यक्ष एस.के. मिश्रा ने की।
महाविद्यालय की सचिव डॉ. उज्ज्वला मिश्रा ने स्वागत भाषण के माध्यम से मुख्य अतिथि एवं सभी आगंतुक अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ही बिहार के विकास की दूरगामी योजनाओं की परिकल्पना की थी। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, सामाजिक उत्थान और जनकल्याण के प्रति समर्पित रहा।उन्होंने श्रीबाबू के आदर्शों को वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रासंगिक बताते हुए उनके विचारों को अपनाने पर बल दिया।
मुख्य अतिथि पंकज मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और बिहार के विकास के इतिहास में डॉ. श्रीकृष्ण सिंह का योगदान सदैव याद किया जाएगा। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में संघर्ष करने के साथ-साथ आजादी के बाद बिहार को विकास की नई दिशा देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व और दूरदर्शी सोच ने राज्य के राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षणिक और औद्योगिक विकास की मजबूत नींव तैयार की।

मुजफ्फरपुर नगर विधायक रंजन कुमार ने युवाओं से श्रीबाबू के जीवन और आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह ने हमेशा व्यक्तिगत हितों से ऊपर राष्ट्र और समाज के हित को प्राथमिकता दी। उनकी अध्ययनशीलता, नेतृत्व क्षमता और जनसेवा की भावना आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। युवाओं को राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करना चाहिए।
‘दीप जो बुझा नहीं’ पुस्तक का हुआ विमोचन
समारोह का एक प्रमुख आकर्षण स्वर्गीय ललितेश्वर प्रसाद शाही के जीवन, व्यक्तित्व और योगदान पर आधारित पुस्तक ‘दीप जो बुझा नहीं: ललितेश्वर प्रसाद शाही’ का विमोचन रहा। मंचासीन अतिथियों और जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से पुस्तक का लोकार्पण किया। वक्ताओं ने शाही के शैक्षणिक, सामाजिक और संस्थागत योगदान को याद करते हुए कहा कि किसी शिक्षण संस्थान के संस्थापक का जीवन और उनकी दूरदृष्टि उसकी पहचान एवं विकास यात्रा का महत्त्वपूर्ण हिस्सा होती है। यह पुस्तक उनके विचारों और कार्यों को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रयास है।

कॉलेज के निदेशक जयंत कुमार ने डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की सिद्धांतनिष्ठा का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने प्रशासनिक अधिकारों और राजनीतिक कैदियों की रिहाई जैसे मुद्दों पर अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। स्वतंत्रता के बाद मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने गरीबी, अशिक्षा, बेरोजगारी और आर्थिक पिछड़ेपन को दूर करने की दिशा में प्रयास किए। वहीं, कॉलेज अध्यक्ष एस.के. मिश्रा ने जमींदारी उन्मूलन और सामाजिक समानता की दिशा में श्रीबाबू की भूमिका को ऐतिहासिक बताया।
नियमित कक्षाएं और समय पर सत्र शुरू करने की मांग
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की कम उपस्थिति और सीमित सहभागिता पर विधायक पंकज मिश्रा तथा विधायक रंजन कुमार ने चिंता जताई। दोनों जनप्रतिनिधियों ने कॉलेज में नियमित कक्षाएं शुरू नहीं होने के मुद्दे को गंभीर बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति से आवश्यक पहल करने की अपील की।
जनप्रतिनिधियों ने मांग की कि शैक्षणिक सत्र प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई से शुरू करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि पढ़ाई समय पर प्रारंभ हो और विद्यार्थियों का बहुमूल्य समय बर्बाद न हो। उन्होंने कहा कि नियमित कक्षाओं का संचालन गुणवत्तापूर्ण कानूनी शिक्षा के लिए आवश्यक है।
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कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. के.के.एन. तिवारी, डॉ. एस.पी. चौधरी, डॉ. आशुतोष कुमार, डॉ. पंकज कुमार, प्रो. बी.एम. आजाद, प्रो. आर.ए. सहाय, डॉ. मधु कुमारी सहित शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी, विद्यार्थी और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अंत में हेमंत शाही विचार मंच के अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। समारोह का समापन डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के आदर्शों पर चलने तथा शिक्षा, सामाजिक न्याय और जनसेवा के मूल्यों को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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