Muzaffarpur 17 February : बिहार राज्य विश्वविद्यालय Guest Professors अतिथि सहायक प्राध्यापक संघ के तत्वावधान में गर्दनी बाग धरना स्थल पर आयोजित दो दिवसीय धरना के दूसरे दिन विभिन्न विश्वविद्यालयों के हजारों अतिथि प्राध्यापक जुटे और सात सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। धरना को वीरेंद्र नारायण यादव, गौतम कृष्ण सहित कई जनप्रतिनिधियों ने संबोधित करते हुए अतिथि शिक्षकों की सेवा समायोजन और नियमितीकरण की मांग का समर्थन किया।
पटना के गर्दनी बाग में Guest Professors का जोरदार प्रदर्शन
बिहार राज्य विश्वविद्यालय अतिथि सहायक प्राध्यापक संघ के तत्वावधान में गर्दनी बाग पटना धरना स्थल पर आहूत दो दिवसीय धरना के दूसरे दिन सभी विश्वविद्यालय के अतिथि प्राध्यापकों ने हजारों की संख्या में उपस्थित होकर धरना में जोरदार प्रदर्शन कर अपने सात सूत्री मांगों को उठाया।

सात सूत्री मांगें:
1. बिहार विधान परिषद की शिक्षा समिति की अनुशंसा के आलोक में बिहार राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में वर्षों से कार्यरत पुराने एवं नये अतिथि शिक्षकों की सेवा 65 वर्ष तक के लिए नियमित/समायोजित की जाए।
2. हर वर्ष 11 महीने के उपरांत सेवा नवीनीकरण की बाध्यता समाप्त की जाए।
3. हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और बंगाल की तर्ज पर बिहार सरकार भी वर्षों से कार्यरत अतिथि शिक्षकों की सेवा नियमित करे।
4. विभिन्न विश्वविद्यालयों में हटाए गए अतिथि शिक्षकों की पुनर्बहाली करते हुए उनकी सेवा समायोजित की जाए।
5. स्थायी शिक्षकों की भांति अतिथि शिक्षकों को भी अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएं।
6. बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों के स्वीकृत एवं रिक्त पदों पर पहले कार्यरत अतिथि शिक्षकों की सेवा समायोजित की जाए, उसके बाद शेष बचे रिक्त पदों पर नई नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जाए।
7. वर्ष 2012 में रेशनलाइजेशन के बाद विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या में हुई अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार छात्र-शिक्षक अनुपात में नए पदों का सृजन कर अतिथि शिक्षकों की सेवा समायोजित की जाए।

धरना को संबोधित करते हुए विधान परिषद सदस्य डॉ वीरेंद्र नारायण यादव ने कहा कि अतिथि प्राध्यापकों की मांग बिल्कुल जायज है। विगत छह-सात वर्षों से ये लगातार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। बिहार की सरकार नौकरी देने वाली और विकास करने वाली सरकार है।
प्रखंडों में कॉलेज खोलने की बात है अतः शिक्षकों की जरूरत पड़ेगी। सरकार इन्हीं शिक्षकों को सेवा समायोजित कर प्रखंडों में खुलने वाले कॉलेजों में इनकी सेवा ले सकती है ।सरकार से उम्मीदें बढ़ गई है। सरकार विधान परिषद शिक्षा समिति की अनुशंसा को लागू करे। अतिथि शिक्षकों के पक्ष में सरकार का निर्णय स्वागत योग्य कदम होगा।

विधान सभा सदस्य गौतम कृष्ण ने कहा कि सात- आठ वर्षो से अध्यापन कर रहे अतिथि प्राध्यापकों के प्रति सरकार को संवेदनशील होना चाहिए। शिक्षक समाज और देश का निर्माता होता है, शिक्षक का पद सबसे सम्मानित पद है। इनके प्रति सरकार की संवेदनहीनता समाज में शैक्षिक और सांस्कृतिक जागरूकता में अवरोध पैदा कर सकती है। सरकार अतिथि शिक्षकों की सेवा नीति में परिवर्तन करते हुए इसे जल्द से जल्द समायोजित करे।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आने से छात्रों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि यह दर्शाता है कि अतिथि शिक्षकों ने कई वर्षों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का काम किया है। इनकी नियुक्ति यूजीसी रेगुलेशन का पालन करते हुए आरक्षण के नियमों के अनुकूल हुआ है। इनकी सेवा सामायोजित करना बिल्कुल न्याय संगत होगा।
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— RAJESH GOLTOO (@GOLTOO) February 17, 2026
धरना को भाजपा विधायक रामचंद्र प्रसाद, श्री अख्तरुल इमान, श्री सरवर आलम एवं डॉ अनीश ने धरना को संबोधित किया और Guest Professors के मांगों का समर्थन किया। संघ के अध्यक्ष मंडल के संयोजक डॉ सतीश कुमार दास की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय के अध्यक्षगण डॉ बच्चा कुमार रजक, डॉ हरिमोहन कुमार, डॉ आदित्य आनंद, डॉ आनंद आजाद,डॉ सुमन पोद्दार, डॉ मुकेश प्रसाद निराला, डॉ विद्यानंद विधाता, डॉ संत कुमार, डॉ आशुतोष कुमार सिंह, डॉ कुंदन कुमार, डॉ नितेश कुमार आदि ने संबोधित किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ सुमन कुमार पोद्दार ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ ललित किशोर ने किया।

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।