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बिहार के 211 New Degree College के सामने बड़ी चुनौती,BRABU समेत 10 विश्वविद्यालयों को मिली जिम्मेदारी

August 18, 2026 | by Goltoo

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Patna 18 August : बिहार के 211 New Degree College में प्राचार्यों की कमी से प्रशासनिक चुनौती बढ़ी। BRABU समेत 10 विश्वविद्यालयों को प्रभारी प्राचार्य नियुक्त करने का निर्देश।

बिहार के 211 New Degree College के सामने बड़ी चुनौती

बिहार सरकार की ओर से एक साथ 211 New Degree College को संचालित करने की महत्वाकांक्षी योजना अब प्रशासनिक चुनौतियों से जूझ रही है। राज्यपाल सचिवालय के हालिया निर्देश के अनुसार, कई नवस्थापित कॉलेजों में नियुक्त प्राचार्यों ने अब तक योगदान नहीं दिया है या अपने पदस्थापन पर पुनर्विचार की मांग की है। ऐसे में सरकार ने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) समेत राज्य के 10 विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे निकटवर्ती महाविद्यालयों के प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसरों को प्रभारी प्राचार्य बनाकर नए कॉलेजों का संचालन सुनिश्चित करें।

15 दिनों में तेजी से बढ़ा अभियान

उच्च शिक्षा विभाग ने 3 अगस्त 2026 को हुई ऑनलाइन समीक्षा बैठक के बाद महज 15 दिनों के भीतर 18 अगस्त को विस्तृत निर्देश जारी कर दिए। सरकार का उद्देश्य नए राजकीय डिग्री कॉलेजों में जल्द से जल्द शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियां शुरू करना है।

बिहार के 211 New Degree College के सामने बड़ी चुनौती
बिहार के 211 New Degree College के सामने बड़ी चुनौती

हालांकि, इतने बड़े स्तर पर एक साथ 211 संस्थानों को चालू करने की प्रक्रिया ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और प्राचार्यों की उपलब्धता पर दबाव बढ़ा दिया है। कई कॉलेजों में नियमित नेतृत्व नहीं होने के कारण वैकल्पिक व्यवस्था अपनानी पड़ रही है।

प्राचार्यों की अनुपस्थिति बनी सबसे बड़ी बाधा

राज्यपाल सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि जिन प्राचार्यों ने योगदान नहीं दिया है या स्थानांतरण पर आपत्ति जताई है, उनके मामलों की जांच संबंधित विश्वविद्यालय करेंगे। यदि उनके आवेदन में उचित और वैध कारण पाए जाते हैं, तभी उस पर विचार किया जाएगा।

इसी के साथ सरकार ने प्राचार्यों के अलावा प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर स्तर के वरिष्ठ शिक्षकों को भी प्रभारी प्राचार्य नियुक्त करने का विकल्प खोल दिया है। इससे नए कॉलेजों में प्रशासनिक नेतृत्व की तत्काल कमी दूर करने की कोशिश की जा रही है।

‘डबल ड्यूटी’ मॉडल से चलेगा संचालन

सरकार ने फिलहाल अतिरिक्त प्रभार (Additional Charge) की व्यवस्था लागू की है। इसके तहत मौजूदा कॉलेजों में कार्यरत अधिकारी अपने वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ नए कॉलेजों के प्रभारी प्राचार्य के रूप में भी काम करेंगे।

अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह, आईएएस द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि नियमित व्यवस्था होने तक अतिरिक्त प्रभार संभालने वाले अधिकारी अपने मूल पद के साथ नए कॉलेज की शैक्षणिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी निभाएंगे, ताकि संस्थानों का संचालन बाधित न हो।

BRABU सहित 10 विश्वविद्यालयों को सौंपी गई जिम्मेदारी

सरकार ने निर्देश दिया है कि अतिरिक्त प्रभार के लिए निकटवर्ती महाविद्यालयों के वरिष्ठ शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि दोनों संस्थानों के बीच समन्वय बनाए रखा जा सके।

जिन विश्वविद्यालयों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है, उनमें शामिल हैं—

  • बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU)
  • पटलिपुत्र विश्वविद्यालय
  • जयप्रकाश विश्वविद्यालय
  • मगध विश्वविद्यालय
  • वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय
  • मुंगेर विश्वविद्यालय
  • पूर्णिया विश्वविद्यालय
  • तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय
  • ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय
  • भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय

जल्द अनुपालन का निर्देश

राज्य सरकार ने सभी विश्वविद्यालयों से शीघ्र आवश्यक कार्रवाई और तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। शिक्षा विभाग का मानना है कि यह अस्थायी व्यवस्था नए कॉलेजों में शिक्षण कार्य शुरू करने के लिए जरूरी है, जबकि नियमित नियुक्तियों की प्रक्रिया आगे पूरी की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में उच्च शिक्षा के विस्तार की यह पहल ऐतिहासिक है, लेकिन लंबे समय तक अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था जारी रहने पर नए कॉलेजों के प्रशासनिक संचालन और शैक्षणिक गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है।

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