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Bihar Guest Teachers का बड़ा फैसला: सेवा नियमितीकरण, समान मानदेय और विश्वविद्यालय स्वायत्तता को लेकर आंदोलन तेज होगा

July 19, 2026 | by Goltoo

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Bhagalpur 19 July : Bihar Guest Teachers का बड़ा फैसला – भागलपुर में टीएमबीयू अतिथि शिक्षक संघ की बैठक में सेवा नियमितीकरण, समान मानदेय, सहायक प्राध्यापक नियुक्ति नियमावली-2026 और विश्वविद्यालय विधेयक के विरोध में आंदोलन का ऐलान।

Bihar Guest Teachers का बड़ा फैसला

Bihar Guest Teachers के हितों, सहायक प्राध्यापक नियुक्ति नियमावली-2026, समान मानदेय, सेवा नियमितीकरण तथा प्रस्तावित बिहार राज्य विश्वविद्यालय विधेयक-2026 को लेकर तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) अतिथि शिक्षक संघ की महत्वपूर्ण बैठक बी.एन. कॉलेज, भागलपुर के शिक्षक कक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष डॉ. आनन्द आजाद ने की। इस दौरान अतिथि शिक्षकों ने सरकार की नई नीतियों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए न्यायालय और आंदोलन—दोनों स्तर पर संघर्ष जारी रखने का निर्णय लिया।

Bihar Guest Teachers का बड़ा फैसला: सेवा नियमितीकरण, समान मानदेय और विश्वविद्यालय स्वायत्तता को लेकर आंदोलन तेज होगा
Bihar Guest Teachers का बड़ा फैसला: सेवा नियमितीकरण, समान मानदेय और विश्वविद्यालय स्वायत्तता को लेकर आंदोलन तेज होगा

बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा 211 प्रखंडों में स्थापित नए राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में संविदा आधारित सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति के लिए जारी विज्ञापन में पहले से कार्यरत अतिथि शिक्षकों के पद भी शामिल किए गए थे। इसके विरोध में विभिन्न विश्वविद्यालयों के अतिथि शिक्षक संघों ने आंदोलन और न्यायिक प्रक्रिया शुरू की थी। इसके बाद बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग ने विज्ञापन में संशोधन करते हुए पहले से कार्यरत अतिथि शिक्षकों के पदों को अलग कर केवल नए महाविद्यालयों के पदों के लिए संशोधित विज्ञापन जारी किया। संघ ने इसे अपनी प्रारंभिक सफलता बताया, लेकिन कहा कि अभी कई महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं।

Bihar Guest Teachers का बड़ा फैसला: सेवा नियमितीकरण, समान मानदेय और विश्वविद्यालय स्वायत्तता को लेकर आंदोलन तेज होगा
Bihar Guest Teachers का बड़ा फैसला: सेवा नियमितीकरण, समान मानदेय और विश्वविद्यालय स्वायत्तता को लेकर आंदोलन तेज होगा

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पटना उच्च न्यायालय में पहले से लंबित याचिका को जारी रखा जाएगा। साथ ही पूर्व से कार्यरत अतिथि शिक्षकों को संविदा आधारित सहायक प्राध्यापकों के समान मानदेय देने, उनकी सेवा नियमित करने तथा यूजीसी रेगुलेशन-2018 के विपरीत तैयार की गई सहायक प्राध्यापक नियुक्ति नियमावली-2026 को निरस्त कर पूर्व की नियुक्ति नियमावली-2020 के आधार पर नई नियुक्तियां करने की मांग उठाई जाएगी।

बैठक में प्रस्तावित बिहार राज्य विश्वविद्यालय विधेयक-2026 पर भी विस्तार से चर्चा हुई। संघ ने आरोप लगाया कि इस विधेयक के माध्यम से राज्य के डिग्री महाविद्यालयों को विश्वविद्यालयों के अधिकार क्षेत्र से बाहर कर सीधे राज्य सरकार के अधीन लाने की तैयारी की जा रही है, जिससे विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक स्वायत्तता प्रभावित हो सकती है। इस विषय पर सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित करते हुए सरकार से व्यापक विचार-विमर्श के बाद ही कोई निर्णय लेने की मांग की गई।

संघ के अध्यक्ष डॉ. आनन्द आजाद ने कहा कि अतिथि शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी और लोकतांत्रिक दोनों स्तरों पर संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अतिथि शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान मानदेय, सेवा नियमितीकरण तथा यूजीसी मानकों के अनुरूप नियुक्ति प्रक्रिया सुनिश्चित कराने के लिए जल्द ही विधिक सलाह लेकर अगली कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय विधेयक और अन्य मुद्दों के विरोध में आंदोलन की रूपरेखा एवं तिथि शीघ्र घोषित की जाएगी।

बैठक में डॉ. आनन्द कुमार, डॉ. पवन कुमार, डॉ. प्रियतम कुमार, डॉ. सर्पराज रामानन्द सागर, डॉ. आदित्य नारायण, डॉ. धीरेन्द्र कुमार, डॉ. रामजी पासवान, डॉ. मनोहर यादव, डॉ. नूरजहाँ, डॉ. मधुलता कुमारी, डॉ. चन्दा कुमारी, डॉ. अमिता सिन्हा, डॉ. खालिदा नाज, डॉ. अनुज रानी, डॉ. प्रकाश कुमार, डॉ. मयंक वत्स, डॉ. कुन्दन दुबे, डॉ. विपुल कुमार वैभव, डॉ. मधुमाला सिन्हा, डॉ. किरण कुमारी, डॉ. रविशंकर, डॉ. तौहीद आलम, डॉ. वीरेन्द्र कुमार यादव और डॉ. इबरार सन्नी सहित बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक उपस्थित रहे।

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