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Bihar University अतिथि प्राध्यापकों की सेवा समायोजित होनी चाहिए: एमएलसी डॉ संजय कुमार सिंह

Shaheed Diwas
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Muzaffarpur 29 September : बीआर अंबेडकर Bihar University अतिथि प्राध्यापक संघ ने एमएलसी प्रो संजय कुमार सिंह के बिहार विधान परिषद की शिक्षा समिति में सदस्य मनोनीत किए जाने पर हर्ष व्यक्त किया और मिलकर बधाई दिया है। साथ ही सेवा नियमितीकरण को लेकर प्रतिवेदन भी सौंपा।

Bihar University अतिथि प्राध्यापक

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Bihar University अतिथि प्राध्यापकों की सेवा समायोजित होनी चाहिए: एमएलसी डॉ संजय कुमार सिंह

एमएलसी प्रोफेसर संजय कुमार सिंह के बिहार विधान परिषद की शिक्षा समिति में सदस्य मनोनीत होने पर हर्ष।

अतिथि प्राध्यापकों की सेवा समायोजित होनी चाहिए: एमएलसी डॉ संजय कुमार सिंह

प्रो संजय कुमार सिंह ने Bihar University अतिथि प्राध्यापकों के प्रतिनिधि मंडल को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा समिति के सभी सदस्य शिक्षकों की समस्याओं को लेकर चिंतन- मंथन कर निराकरण की दिशा में पहल करेगी। उन्होंने बताया कि 12 सितंबर को बिहार विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों में कार्यरत अतिथि प्राध्यापकों की सेवा समायोजन को लेकर शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने अपने पत्र में माननीय मंत्री का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति यूजीसी के मापदंड के अनुसार विश्वविद्यालय चयन समिति द्वारा की गई है। 5-7 वर्षों से ये इमानदारी से अपनी सेवा दे रहे हैं। अतः यूजीसी के मापदंड के अनुसार वेतन,भत्ता एवं अन्य सुविधाएं इन्हें मिलनी चाहिए।

ज्ञातव्य हो कि अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति के समय विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अन्य जगहों पर नौकरी नहीं करने का शपथ पत्र लिए जाने, लंबे वर्षों के महत्वपूर्ण सेवा की भूमिका में रहने के बावजूद विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा हो रही नियुक्ति प्रक्रिया में किसी प्रकार की छूट/प्राथमिकता नहीं दिए जाने के कारण इन शिक्षकों को सेवा से मुक्त किया जा रहा है।


आगे उन्होंने बताया कि अन्य राज्यों (झारखंड, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल) में कक्षा आधारित अतिथि सहायक प्राध्यापकों की सेवा को एवं उनके भविष्य को सुरक्षा प्रदान करने की नीति बनाई गई है। यह भी विदित हो कि 1976, 1980 और 1986 में राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालय में 18 माह से 24 माह तक कार्यरत सभी अस्थाई व्याख्याताओं की सेवा को नियमित किया गया है।

अतः अतिथि प्राध्यापकों की सेवा शर्तों में आवश्यक संशोधन करते हुए इन्हें यथास्थिति में उनकी सेवा 65 वर्ष तक उसी मासिक मानदेय 50000/या सहायक प्राध्यापक के बेसिक मासिक वेतन 57,700/-पर की जाए ताकि वे पूरी निष्ठा से पठन-पाठन के साथ-साथ अन्य गैर शैक्षणिक कार्य पूरे सम्मान के साथ निश्चित होकर कर सकें।

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प्रतिनिधि मंडल में डॉ ललित किशोर, डॉ राघव कुमार, डॉ नितेश कुमार, डॉ सर्वेश्वर कुमार सिंह, डॉ राकेश रंजन, डॉ रामकृष्ण कुमार, डॉ राकेश कुमार, डॉ सीमा कुमारी, डॉ पूनम कुमारी, डॉ नवीन कुमार, डॉ प्रदीप कुमार, डॉ रंजीत कुमार आदि उपस्थित रहे।