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Patna University के कुलपति प्रो. अजय कुमार सिंह बहाल, कुलाधिपति ने चेतावनी के साथ दी राहत

Patna University के कुलपति प्रो. अजय कुमार सिंह बहाल Patna University के कुलपति प्रो. अजय कुमार सिंह बहाल
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Patna 28 March : Patna University के कुलपति प्रो. अजय कुमार सिंह को जांच रिपोर्ट के बाद कुलाधिपति ने चेतावनी के साथ पद पर बहाल कर दिया। अतिथि संकाय नवीनीकरण मामले में आरोपों की जांच पूर्व मुख्य न्यायाधीश डॉ. रवि रंजन की अध्यक्षता में हुई थी।

Patna University के कुलपति प्रो. अजय कुमार सिंह बहाल

Patna University के कुलपति प्रोफेसर अजय कुमार सिंह को जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुनः उनके पद पर बहाल कर दिया गया है। कुलाधिपति सचिवालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उन्हें भविष्य में ऐसी त्रुटि न दोहराने की कड़ी चेतावनी भी दी गई है।

मामले की शुरुआत तब हुई जब कुलाधिपति सचिवालय को प्रो. सिंह के खिलाफ कई आरोप प्राप्त हुए। इन आरोपों में मुख्य रूप से अतिथि संकायों के नवीनीकरण में यूजीसी दिशानिर्देशों और उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशों का पालन न करना, इस मुद्दे पर संवेदनशीलता की कमी, तथा कुलाधिपति सचिवालय के बार-बार दिए गए निर्देशों की अनदेखी शामिल थी। साथ ही, यह भी आरोप था कि उनके कार्यों से विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।

Patna University के कुलपति प्रो. अजय कुमार सिंह बहाल
Patna University के कुलपति प्रो. अजय कुमार सिंह बहाल

इन गंभीर आरोपों को देखते हुए कुलाधिपति सचिवालय ने 16 अक्टूबर 2025 को झारखंड उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) डॉ. रवि रंजन की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच समिति का गठन किया। जांच के दौरान प्रो. सिंह को अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया गया था।

जांच समिति ने सभी संबंधित पक्षों को सुनने के बाद 18 दिसंबर 2025 को अपनी रिपोर्ट कुलाधिपति को सौंपी। रिपोर्ट में समिति ने निष्कर्ष निकाला कि प्रो. सिंह का आचरण कुलपति पद के अनुरूप नहीं था, वे निरंकुश तरीके से कार्य कर रहे थे और उनके निर्णय विश्वविद्यालय के हितों के प्रतिकूल थे।

इसके आधार पर 3 फरवरी 2026 को प्रो. सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उन्होंने 14 फरवरी 2026 को अपने जवाब में खेद व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य कभी भी कुलाधिपति के निर्देशों की अवहेलना करना या पद की गरिमा को ठेस पहुंचाना नहीं था।

सभी तथ्यों, दस्तावेजों और कानूनी प्रावधानों पर समग्र विचार करने के बाद तथा विश्वविद्यालय के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए कुलाधिपति ने प्रो. अजय कुमार सिंह की त्रुटियों को क्षमा करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से कुलपति पद पर पुनः बहाल करने का निर्णय लिया। साथ ही उन्हें भविष्य में पूर्ण सावधानी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की सख्त चेतावनी भी दी गई है।

यह आदेश राज्यपाल सचिवालय के प्रधान सचिव के हस्ताक्षर से जारी किया गया है।