www.goltoo.in

Prof. Manendra Kumar ने कहा उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के लिए विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की स्वायत्तता अक्षुण्ण रहनी चाहिए

July 19, 2026 | by Goltoo

profman12

Muzaffarpur 19 July : बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के पूर्व डीन Prof. Manendra Kumar ने कहा कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के लिए विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की शैक्षणिक स्वायत्तता अक्षुण्ण रहनी चाहिए।

Prof. Manendra Kumar – विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की स्वायत्तता अक्षुण्ण रहनी चाहिए

बिहार सरकार द्वारा डिग्री महाविद्यालयों को विश्वविद्यालयों से पृथक कर सीधे राज्य सरकार के अधीन लाने संबंधी प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय के पूर्व डीन, विज्ञान संकाय एवं पूर्व अध्यक्ष, प्राणीशास्त्र विभाग प्रो. मनेन्द्र कुमार ने कहा कि उच्च शिक्षा में किसी भी प्रकार का प्रशासनिक सुधार स्वागतयोग्य है, किंतु इससे विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की शैक्षणिक स्वायत्तता प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने वाले संस्थान नहीं, बल्कि ज्ञान-सृजन, शोध, नवाचार तथा बौद्धिक विकास के केंद्र हैं। राधाकृष्णन विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग, कोठारी आयोग, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 सभी ने उच्च शिक्षा संस्थानों की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक स्वायत्तता को उत्कृष्ट शिक्षा का आधार माना है। यूनेस्को ने भी अकादमिक स्वतंत्रता और संस्थागत स्वायत्तता को विश्वस्तरीय उच्च शिक्षा की अनिवार्य शर्त बताया है।

उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के लिए विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की स्वायत्तता अक्षुण्ण रहनी चाहिए : Prof. Manendra Kumar
उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के लिए विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की स्वायत्तता अक्षुण्ण रहनी चाहिए : Prof. Manendra Kumar

प्रो. कुमार ने कहा कि यदि महाविद्यालयों की स्वायत्तता सीमित होती है, तो शोध, नवाचार, पाठ्यक्रम विकास, शैक्षणिक निर्णयों की स्वतंत्रता तथा शिक्षकों का मनोबल प्रभावित हो सकता है। उन्होंने आग्रह किया कि इस विषय पर सरकार, विश्वविद्यालयों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं शिक्षा विशेषज्ञों के साथ व्यापक विमर्श किया जाए, ताकि ऐसा संतुलित मॉडल विकसित हो सके जो स्वायत्तता, उत्तरदायित्व, पारदर्शिता और गुणवत्ता-इन चारों मूल्यों की समान रूप से रक्षा करे।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बिहार सरकार उच्च शिक्षा के दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसा निर्णय लेगी, जिससे राज्य की विश्वविद्यालय प्रणाली और अधिक सुदृढ़, प्रतिस्पर्धी एवं राष्ट्रीय स्तर पर आदर्श बन सके।

RELATED POSTS

View all

view all