Muzaffarpur 11 September : रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम मुजफ्फरपुर (RK Mission Sevashrama) की शताब्दी पर राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने स्वामी विवेकानंद के भाईचारे और सेवा संदेश पर जोर दिया।
RK Mission Sevashrama शताब्दी
रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम, मुजफ्फरपुर की शताब्दी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल एवं कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) शामिल हुए। कार्यक्रम का विषय ‘बेहतर समाज के लिए स्वामी विवेकानंद का सार्वभौमिक धर्म’ था। इसका आयोजन स्वामी विवेकानंद के 11 सितंबर 1893 को शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में दिए गए ऐतिहासिक संबोधन की स्मृति में किया गया।
राज्यपाल ने स्वामी विवेकानंद की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण के 134 वें वर्षगांठ के अवसर पर स्वामी विवेकानंद स्मरणोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
प्रथम सत्र के मुख्य अतिथि थे नालंदा अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय के डीन प्रो गोदावरीश मिश्र एवं विशिष्ट अतिथि थे छपरा आश्रम के सचिव अतिदेवानंद महाराज, भूतपूर्व विभागाध्यक्ष दर्शनशास्त्र विभाग के श्री हरि नारायण पांडे समेत आगत अतिथियों का स्वागत आश्रम के द्वारा अंगवस्त्र एवं बुके देकर किया गया।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र के मुख्य अतिथि बिहार के महामहिम राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन, विशिष्ट अतिथि बिहार के अपर मुख्य सचिव श्री दीपक कुमार सिंह, बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो दिनेश चंद्र राय, श्री गोदावरीश मिश्र एवं श्री गिरिधर दयाल सिंह कमिश्नर मुजफ्फरपुर उपस्थित थे।
गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश श्री संदीप कुमार थे। इस अवसर पर बिहार विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, प्राचार्य, अतिथि प्राध्यापक, शिक्षक गण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

स्वामी विवेकानंद के विचारों को किया गया याद
कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद के उन विचारों और संदेशों पर चर्चा की गई, जो आज भी समाज में आपसी सद्भाव, समानता और मानवता की भावना को मजबूत करने के लिए प्रासंगिक हैं। शिकागो धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद ने भारतीय आध्यात्मिक परंपरा और धार्मिक सहिष्णुता का संदेश विश्व के सामने रखा था।


राज्यपाल ने दिया सार्वभौमिक भाईचारे का संदेश
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने अपने संबोधन में स्वामी विवेकानंद के सार्वभौमिक भाईचारे, सद्भाव और सेवा के विचारों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बेहतर समाज के निर्माण के लिए मानवता, आपसी सम्मान और सेवा की भावना को बढ़ावा देना आवश्यक है।
राज्यपाल ने स्वामी विवेकानंद के संदेश को वर्तमान समय में भी महत्वपूर्ण बताते हुए समाज के सभी वर्गों के बीच एकता और सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि उनके जीवन पर स्वामी विवेकानंद का गहरा प्रभाव है। दुनिया के जितने देशों में उन्हें जाने का मौका मिला, सर्व धर्म की बात की। उन्होंने बताया कि स्वामी जी सर्वधर्म समभाव को महत्व देते थे। उन्होंने स्वयं अपने बारे में बताते हुए कहा कि दुनिया के अन्य देशों में जहां-जहां गए उन्होंने सर्वधर्म समभाव पर बल दिया।
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— RAJESH GOLTOO (@GOLTOO) September 7, 2026
सेवा और सद्भाव की भावना पर जोर
माननीय न्यायाधीश ने स्वामी जी के आदर्शों को अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित किया।
कुलपति डॉ दिनेश चंद्र राय ने कहा कि रामकृष्ण मिशन आश्रम और विश्वविद्यालय ने एमओयू साइन कर आध्यात्मिक क्षेत्र में कई कार्यक्रम करने का निर्णय लिया है।
मंच का संचालन प्रो श्री नारायण प्रसाद सिंह ने किया एवं कार्यक्रम के संचालन में अध्यक्ष मंडल के सदस्यों ने सहयोग प्रदान किया।
रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम की शताब्दी का यह आयोजन संस्था की सेवा परंपरा और स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को स्मरण करने का अवसर बना।

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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