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Sanskriti Uthan Samiti Seminar भारत – विभाजन के मूल में तुष्टिकरण की नीति प्रमुख रही है: डॉ राजेश्वर

Sanskriti Uthan Samiti
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Muzaffarpur 29 August : Sanskriti Uthan Samiti Seminar संस्कृति उत्थान समिति ने ‘भारत विभाजन विभीषिका’ विषय पर संवाद सह संगोष्ठी का आयोजन अघोरिया बाजार स्थित आरएसडी कांसेप्ट में शुक्रवार को किया। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति और आजादी के इतिहास पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को आजादी के इतिहास और भारतीय संस्कृति की जड़ों से जोड़ना था।

Sanskriti Uthan Samiti संवाद सह संगोष्ठी

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सह संयोजक व एलएस कॉलेज के सहायक आचार्य डॉ राजेश्वर कुमार ने विभाजन की त्रासदी को सिर्फ एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि दिलों के बंटवारे की एक दर्दनाक दास्तान बताया। डॉ राजेश्वर ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कथन को दोहराते हुए कहा, “विभाजन केवल जमीन का नहीं, दिलों का भी हुआ।” उन्होंने बताया कि इस विभीषिका ने लाखों लोगों को बेघर कर दिया और एक ऐसी गहरी खाई पैदा कर दी, जिसे आज भी महसूस किया जा सकता है।

Sanskriti Uthan Samiti संवाद सह संगोष्ठी

उन्होंने प्रसिद्ध साहित्यकार अज्ञेय की रचनाओं का हवाला देते हुए बताया कि कैसे साहित्य ने उस दौर के दर्द और पीड़ा को अमर कर दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इतनी बड़ी त्रासदी के बावजूद भारत ने अपनी गंगा-जमुनी तहजीब को अक्षुण्ण बनाए रखा। यही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। डॉ. कुमार ने युवाओं से केवल अपने अधिकारों की मांग करने के बजाय, अपने कर्तव्यों को भी निभाने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को विश्व की प्रथम आर्थिक शक्ति बनाने का सपना तभी पूरा होगा जब हर युवा राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए आगे आने और अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य डॉ. अनीश कुमार ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमें इतिहास से सबक लेना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी गलतियां न हों। उन्होंने कहा, “विभाजन की पीड़ा को समझना इसलिए जरूरी है ताकि हम एक मजबूत और अखंड भारत का निर्माण कर सकें। इस मौके पर इसी विषय पर एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया. जिसमें पांच विद्यार्थी अव्वल आये. उन्हें छह सितंबर को चैंबर ऑफ कॉमर्स में सम्मानित किया जाएगा।

कार्यक्रम का संचालक आरएसडी कॉन्सेप्ट के संचालक राजू कुमार ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस अवसर पर सक्षम कुमार, हिमांशु कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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