Muzaffarpur 6 September : LN Mishra College of Business Management Muzaffarpur में ICSSR प्रायोजित राष्ट्रीय सेमिनार में भारतीय ज्ञान परंपरा पर चर्चा हुई।
LN Mishra College of Business Management
ललित नारायण मिश्रा कॉलेज ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट, मुजफ्फरपुर में “Role and Relevance of Bhartiya Gyan Parampara in Vishal Bharat” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का रविवार को समापन हुआ। भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) द्वारा प्रायोजित इस राष्ट्रीय सेमिनार में शिक्षाविदों, शोधार्थियों और विशेषज्ञों ने भारतीय ज्ञान परंपरा की आधुनिक संदर्भ में भूमिका और प्रासंगिकता पर विचार साझा किए।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, प्रबंधन और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। विशेषज्ञों ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में शिक्षा, नैतिक मूल्यों, आत्मनिर्भरता, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सह-अस्तित्व जैसे महत्वपूर्ण विचार निहित हैं, जिन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता है।


महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी के शिक्षा विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. पी. ओमकार ने युवा आबादी को भारत के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए शिक्षा को रोजगार और भविष्य की जरूरतों से जोड़ने की आवश्यकता बताई। उन्होंने स्थानीय भाषाओं में अध्ययन सामग्री विकसित करने तथा भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों से जोड़ने पर भी जोर दिया।


मुख्य वक्ता डॉ. रामनाथ झा, एसोसिएट प्रोफेसर, संस्कृत अध्ययन विशेष केंद्र, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने भाषा ज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने संस्कृत, वेद और भारतीय दार्शनिक परंपरा में निहित ज्ञान को व्यापक संदर्भ में समझने की आवश्यकता बताई। वहीं मुख्य अतिथि प्रो. अरुण कुमार भगत, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी ने सुश्रुत, चरक और आर्यभट्ट सहित भारतीय विद्वानों के योगदान का उल्लेख करते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा के वैज्ञानिक और मानवीय पक्ष पर प्रकाश डाला।


संस्थान के निदेशक डॉ. मनीष कुमार ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित समग्रता, आत्मनिर्भरता, नैतिक मूल्य और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता आधुनिक भारत को विशाल भारत की दिशा में आगे बढ़ाने में उपयोगी हो सकती है। कॉलेज के कुलसचिव डॉ. कुमार शरतेंदु शेखर ने आधुनिक विज्ञान एवं तकनीक के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा को जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
BRABU : 61 शिक्षकों को Research Excellence Award I सिर्फ ज्ञान अर्जित न करें, उसका सृजन करें। शोध उत्कृष्टता हमारी पहचान और सामाजिक जिम्मेदारी हमारी आत्मा हो।”-कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय https://t.co/6Cvsw2roGy @brabu_ac_in @brabu_ac_in @DineshCRai pic.twitter.com/eswoPIPItX
— RAJESH GOLTOO (@GOLTOO) September 5, 2026
समापन अवसर पर आयोजकों ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। सेमिनार में प्रस्तुत विचारों को भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा और विकास से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण अकादमिक विमर्श के रूप में देखा गया।

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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