Patna 13 April : BD College Patna में महिला सशक्तिकरण और नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 पर संगोष्ठी आयोजित हुई। प्राचार्या प्रो. रत्ना अमृत, शिक्षकों और छात्राओं ने इसे लोकतांत्रिक भागीदारी, सामाजिक न्याय और महिलाओं के नेतृत्व को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया।
BD College Patna में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम ’ पर संगोष्ठी
BD College Patna में महिला सशक्तिकरण एवं नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 विषय पर एक प्रभावशाली संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्राचार्या प्रो. रत्ना अमृत, विभिन्न विभागों के शिक्षक-शिक्षिकाओं और बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लिया। वक्ताओं ने महिला आरक्षण कानून को लोकतांत्रिक समावेशन, सामाजिक न्याय और महिला नेतृत्व को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया।
अपने संबोधन में प्राचार्या प्रो. रत्ना अमृत ने कहा कि “नारी शक्ति ही समाज की वास्तविक ऊर्जा है।” उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं तो केवल परिवार या समाज ही नहीं, बल्कि पूरा राष्ट्र प्रगति की ओर अग्रसर होता है। उन्होंने बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 महिलाओं को केवल प्रतिनिधित्व ही नहीं देता, बल्कि उन्हें नीति-निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी का अवसर भी प्रदान करता है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय लोकतंत्र को और अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया।

बिहार के सामाजिक और शैक्षणिक परिदृश्य का उल्लेख करते हुए प्रो. अमृत ने कहा कि मुख्यमंत्री साइकिल योजना के शुरू होने के बाद छात्राओं के नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि जीविका और कॉमफेड जैसी संस्थाओं में हजारों महिलाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत आरक्षण ने महिलाओं की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित की है। साथ ही महिला साक्षरता दर में तेजी से बढ़ोतरी और संस्थागत प्रसव के आंकड़ों में भी बड़ा सुधार देखने को मिला है।

उन्होंने विशेष रूप से कहा कि सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण देने वाला बिहार देश का पहला राज्य बना, जिसने महिला नेतृत्व और रोजगार के नए अवसरों के द्वार खोले हैं।
राजनीति विज्ञान विभाग की डॉ. रूना आनंद ने अधिनियम को लोकतंत्र को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि इसके लागू होने के बाद लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे शासन व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता मजबूत होगी।
प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग की डॉ. स्वर्णा कुमार ने अधिनियम के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि इसमें ओबीसी वर्ग की महिलाओं के लिए अलग प्रावधान का अभाव चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज के सभी वर्गों की महिलाओं को समान अवसर नहीं मिलेंगे, तब तक लोकतंत्र की समावेशी भावना अधूरी रहेगी।
BRABU के VC Prof. Dinesh Chandra Rai के नेतृत्व में शोध टीम ने तैयार किया पोषक तत्वों से भरपूर स्ट्रॉबेरी-फोर्टिफाइड दही https://t.co/xWwtoqoOPt #Muzaffarpur #varanasi@brabu_ac_in@DineshCRai pic.twitter.com/n66Mnrw6gr
— RAJESH GOLTOO (@GOLTOO) April 13, 2026
छात्राओं ने भी अपने विचार साझा किए। अर्थशास्त्र विभाग की छात्रा मनीषा ने कहा कि यह कानून महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगा, क्योंकि नीति-निर्माण में उनकी भागीदारी से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी नीतियां अधिक व्यावहारिक बनेंगी। दर्शनशास्त्र विभाग की छात्रा रिया ने कहा कि नारी शक्ति का महत्व केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज की नैतिक और भावनात्मक संरचना को भी दिशा देती है।
कार्यक्रम का संचालन विशाल विजय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राहुल अमृतराज ने प्रस्तुत किया।
यह संगोष्ठी महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक भागीदारी पर एक बहुआयामी विमर्श के रूप में उभरकर सामने आई, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को महिलाओं के सशक्त भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया गया।

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

Comments are closed.