Patna 12 September : Bihar Assistant Professor Recruitment 2026: बिहार में सहायक प्राध्यापक नियुक्ति प्रक्रिया की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित। समिति 90 दिनों में सुधार संबंधी रिपोर्ट सौंपेगी।
Bihar Assistant Professor Recruitment 2026
बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया में व्यापक सुधार की दिशा में कदम उठाया गया है। बिहार लोक भवन ने वर्तमान नियुक्ति व्यवस्था की समीक्षा करने और सुधार संबंधी सुझाव देने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। यह निर्णय 24 अगस्त 2026 को ‘ऑल पीएच.डी. होल्डर्स एंड रिसर्च एसोसिएशन’ के बैनर तले आंदोलनरत अनशनकारी छात्रों और राज्यपाल के बीच हुए समझौते के अनुपालन में लिया गया है।
चार सदस्यीय समिति का गठन
बिहार लोक भवन द्वारा गठित समिति में अमरजीत सिन्हा, IAS (सेवानिवृत्त), संजय कुमार, IAS (सेवानिवृत्त), पद्मश्री प्रो. एच.सी. वर्मा (सेवानिवृत्त) और डॉ. पी.के. रॉय (सेवानिवृत्त) को सदस्य बनाया गया है। राज्यपाल सचिवालय के अपर सचिव (विश्वविद्यालय) श्री संजय कुमार, IAS समिति के सदस्य-सचिव के रूप में कार्य करेंगे।
समिति का उद्देश्य बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की मौजूदा व्यवस्था का वस्तुनिष्ठ अध्ययन कर उसमें आवश्यक सुधार के लिए सुझाव प्रस्तुत करना है।

आयु सीमा से लेकर साक्षात्कार तक की होगी समीक्षा
समिति नियुक्ति प्रक्रिया के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार करेगी। इसमें आयु सीमा, शैक्षणिक एवं अन्य पात्रता मानदंड, परीक्षा और साक्षात्कार की प्रकृति तथा चयन के विभिन्न मापदंडों को दिए जाने वाले सापेक्ष भारांक (Relative Weightage) शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, समिति अतिथि व्याख्याताओं (Guest Lecturers) से संबंधित मुद्दों और नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े अन्य विषयों की भी समीक्षा करेगी। इस अध्ययन के माध्यम से चयन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और व्यावहारिक बनाने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।
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— RAJESH GOLTOO (@GOLTOO) September 11, 2026
Bihar Assistant Professor Recruitment : 90 दिनों के भीतर सौंपनी होगी रिपोर्ट
अधिसूचना के अनुसार, समिति अपनी जांच और विचार-विमर्श के बाद निष्कर्षों के साथ स्पष्ट एवं क्रियान्वयन योग्य अनुशंसाओं वाली रिपोर्ट बिहार लोक भवन को प्रस्तुत करेगी। रिपोर्ट जमा करने की समयसीमा अधिसूचना जारी होने की तिथि से 90 दिनों के भीतर निर्धारित की गई है।
समिति की रिपोर्ट बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक नियुक्ति व्यवस्था में संभावित बदलावों के लिए महत्वपूर्ण आधार बन सकती है। हालांकि, नियुक्ति नियमों में अंतिम परिवर्तन संबंधित सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के बाद ही प्रभावी होंगे।

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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