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Bihar University News कुलपति व कुलसचिव की निरंकुशता के खिलाफ बूटा शिक्षक-संघ प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपेगा

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Muzaffarpur 9 November : मुजफ्फरपुर: जिले के एलएनटी काॅलेज सभागार में बुधवार को बीआरएबिहार विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा हाल ही में दो महाविद्यालयों में प्रभारी प्रधानाचार्यों की पदस्थापना एवं महाविद्यालय शिक्षकों की विभिन्न लंबित माँगों को लेकर बुटा कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बुटा अध्यक्ष प्रो.(डाॅ.) अरुण कुमार तथा संचालन बुटा महासचिव डॉ. सुनील कुमार सिंह ने की।

*बूटा का पाच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल पीएचडी इंक्रीमेंट, पूर्ववर्ती सेवा गणना, एवं शिक्षकों के अन्य लंबित मुद्दे को लेकर शिक्षा मंत्री एवं उच्च शिक्षा निदेशक से मिलेगा

ज्ञातव्य हो कि कॉलेज के वरीय प्राध्यापकों की वरिष्ठता व सम्मान को नजर अंदाज करते हुए बाहर से आयात कर डाॅ. विपिन राय को डाॅ. एसकेएस वीमेंस कॉलेज, मोतिहारी में प्रभारी प्रधानाचार्य अधिसूचित कर दिया गया है मैच फिक्सिंग का आलम यह है कि पूर्व में ही यहां की वरीय शिक्षिका डॉ.किरण कुमारी को अवकाश के दौरान ही एमएस कॉलेज में स्थानांतरित कर दिया गया। बुटा अध्यक्ष प्रो.(डाॅ.) अरुण कुमार सहित सभी सदस्यों ने किसी महिला महाविद्यालय में वरीय महिला शिक्षिका को नजरअंदाज करते हुए  प्रभारी प्रधानाचार्य पद पर किसी पुरुष शिक्षक की तैनाती की कड़ी भर्त्सना की।


*मांगों के पूरा नहीं होने पर संघ जल्द ही धरना प्रदर्शन, कलमबंद हड़ताल, अनिश्चितकालीन बंदी एवं चरणबद्ध आंदोलन का शंखनाद करेगा।

बुटा ने डॉ.किरण कुमारी को पुन: डाॅ.एसकेएस वीमेंस कॉलेज में पदस्थापित करने की मांग की। एमजेके कॉलेज, बेतिया व राजकीय डिग्री महाविद्यालय बगहा में डॉ.आरके चौधरी प्रभारी प्रधानाचार्य व दोहरे प्रभार अधिसूचित किए गए हैं। यह विचित्र अंतर्विरोध है कि विश्वविद्यालय द्वारा नियम-परिनियम व विवेक की बजाय स्वेच्छाचारी आदेश निर्गत की जा रही है। बुटा ने आयातित प्रभारी प्रधानाचार्य व दोहरे प्रभार पर कुलपति को यथाशीघ्र निर्णय लेने को कहा है। उन्होंने कहा कि कुलपति की निरंकुशता से निरंतर वरीय शिक्षकों की गरिमा आहत व प्रतिष्ठा क्षतिग्रस्त हो रही है।


बूटा प्रतिनिधियों ने बीआरएबीयू कुलपति व कुलसचिव की निरंकुशता के खिलाफ सभी कॉलेज युनिट्स से प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजकर अवगत कराने का निर्णय लिया। नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों के पीएचडी इंक्रीमेंट, पूर्ववर्ती सेवा गणना सहित शिक्षकों के विभिन्न लंबित मुद्दों पर एक पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को शिक्षा मंत्री व उच्च शिक्षा निदेशक के पास भेजने का निर्णय लिया गया।


यदि इन समस्याओं का अपेक्षित हल नहीं हुआ तो बुटा सभी महाविद्यालयों व विश्वविद्यालय में अहिंसक तरीके से धरना-प्रदर्शन, कलमबंद हड़ताल, निश्चितकालीन व अनिश्चितकालीन बंदी जैसे चरणबद्ध आंदोलन का शंखनाद करेगी जिसकी सारी जिम्मेवारी विश्वविद्यालय प्रशासन पर होगी। सभी शिक्षक साथियों से भी निवेदन किया गया कि वे किसी भी प्रकार के नियम-परिनियम व विधि के प्रतिकूल लाभ का पद ग्रहण न करें। यथोचित व यथासंभव तरीके से संघ की मर्यादा अक्षुण्ण बनाए रखने का संकल्प लिया गया।

बुटा महासचिव डाॅ.सुनील कुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रक्षेत्राधीन बुटा के प्रत्येक महाविद्यालय इकाई से बड़ी मजबूती व मुखरता से शिक्षकों का साथ मिल रहा है। उन्होनें सभी सम्मानित साथियों को बैठक में भाग लेने व सहयोग के लिए धन्यवाद भी दिया। संघर्ष की हर कोशिश जिंदाबाद, सच्चाई जिंदाबाद, अच्छाई जिंदाबाद, शिक्षकों पर जुल्म के खिलाफ उठी हर आवाज जिंदाबाद, न्याय के लिए किए गए अथक और सतत प्रयास जिंदाबाद।

कार्यकारिणी की बैठक को डॉ.प्रबल कुमार चक्रवर्ती, प्रो.रामानंद सिंह, डॉ. दुर्बादल भट्टाचार्य, डॉ.जितेंद्र कु.मिश्रा, मो.अबुलैश, डॉ.रवि कुमार, डॉ.विजयेंद्र झा, डॉ. योगेंद्र सम्यक, डॉ. चितरंजन आदि ने भी संबोधित किया। मौके पर पूर्वी चंपारण जिलाध्यक्ष डॉ.पिनाकी लाहा, बुटा सचिव डॉ.कुमार राकेश रंजन, डॉ.आभा रानी, डॉ.अर्चना सिंह, डॉ.शुभलाल पासवान, बुटा उपाध्यक्ष डॉ.अजय कु. श्रीवास्तव सहित सभी कॉलेज यूनिट से प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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